जालोर रेलवे स्टेशन पर अब हाईटेक मशीनों से होगी सफाई, 16 कर्मचारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के जालोर रेलवे स्टेशन पर अब सफाई व्यवस्था हाईटेक होने जा रही है। दस जुलाई से नया हाउसकीपिंग कॉन्ट्रैक्ट लागू होने के साथ ही स्टेशन पर 16 हाउसकीपिंग कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले जालोर रेलवे स्टेशन पर अब स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। स्टेशन परिसर को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से यहां नई हाउसकीपिंग व्यवस्था लागू की गई है। 10 जुलाई से प्रभावी हुए इस नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत स्टेशन पर सफाई के लिए अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है।
इंप्रैस्ट सिस्टम से मिली मुक्ति
जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, अब तक जालोर स्टेशन पर सफाई का काम इंप्रैस्ट सिस्टम के जरिए किया जा रहा था। इस पुरानी व्यवस्था में सीमित संसाधनों और कम सफाई कर्मियों के कारण स्टेशन परिसर के बड़े हिस्से की नियमित सफाई चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट बुकिंग कार्यालय, फुट ओवर ब्रिज, शौचालय और सर्कुलेटिंग एरिया की सफाई अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।
स्टेशन के पुनर्विकास और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस नई हाउसकीपिंग नीति को प्राथमिकता दी है। इससे न केवल स्टेशन की स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि यात्रियों को एक बेहतर और साफ-सुथरा वातावरण भी मिलेगा।
सात आधुनिक मशीनों का होगा उपयोग
सफाई कार्य को गति देने के लिए रेलवे ने सात प्रकार की आधुनिक मशीनों को स्टेशन पर उपलब्ध कराया है। इनमें राइड-ऑन स्वीपर, राइड-ऑन स्क्रबर, हाई प्रेशर जेट मशीन, रोड स्वीपर मशीन, सिंगल डिस्क स्क्रबर और हैंड स्क्रबर जैसी मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें बड़े क्षेत्रों की सफाई को कम समय में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने में सक्षम हैं।
इन मशीनों के संचालन के लिए कुल 16 हाउसकीपिंग कर्मियों की तैनाती की गई है। इन कर्मचारियों को मशीनों के सही उपयोग और रखरखाव के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सफाई के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए और कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि मशीनीकृत सफाई से स्टेशन परिसर की कायापलट हो जाएगी। पहले जहां मैन्युअल सफाई में अधिक समय और श्रम लगता था, वहीं अब मशीनों के उपयोग से सफाई की गति और गुणवत्ता में काफी इजाफा होगा। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के तहत रेलवे के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करती है।
आने वाले समय में इन मशीनों के नियमित उपयोग से स्टेशन के हर कोने की गहन सफाई हो सकेगी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था के तहत सफाई की निगरानी भी की जाएगी ताकि स्वच्छता के मानकों को बरकरार रखा जा सके।
जालोर स्टेशन पर इस बदलाव से स्थानीय यात्रियों में भी उत्साह है। उम्मीद जताई जा रही है कि हाईटेक मशीनों के आने से स्टेशन के रखरखाव में आने वाली पुरानी समस्याएं दूर होंगी और यात्रियों को एक आदर्श रेलवे स्टेशन का अनुभव प्राप्त होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!