प्रयागराज: जनता दर्शन से गायब रहे चार अफसर और 25 कर्मचारी, डीएम ने वेतन काटने का दिया आदेश
Prayagraj DM Manish Kumar Verma takes strict action against absent officials and collectorate staff. प्रयागराज में जनता दर्शन और कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार विभागों के नोडल अधिकारियों और कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जनसुनवाई में लापरवाही पर सख्त हुए जिलाधिकारी
प्रयागराज में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारियों की अनुपस्थिति ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने न केवल स्पष्टीकरण मांगा है, बल्कि संबंधित अधिकारियों का एक दिन का वेतन भी रोकने के निर्देश जारी किए हैं।
जनता दर्शन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होता है, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। हालांकि, निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, नगर निगम के नोडल अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोडल प्रतिनिधि और जिला आपूर्ति विभाग के नोडल अधिकारी अपने निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं मिले। इन अधिकारियों की गैर-मौजूदगी के कारण फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
जनता दर्शन के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण किया। सुबह 10:30 बजे जब वे विभिन्न कार्यालयों में पहुंचे, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर पता चला कि कलेक्ट्रेट के कुल 25 कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के कार्यालय से नदारद थे। इस औचक निरीक्षण ने कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया।
जिलाधिकारी ने इस अनुशासनहीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में समयबद्धता और जनसेवा के प्रति समर्पण सर्वोपरि है। बिना किसी ठोस कारण के कार्यालय से गायब रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। डीएम ने सभी 25 अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।
भविष्य के लिए सख्त निर्देश और चेतावनी
इस घटना के बाद जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में जनता दर्शन और कार्यालय समय का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करते रहें। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सरकारी तंत्र में काम करने वाले हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही प्रशासन की सफलता का पैमाना है।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अनुशासन का माहौल देखा जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अब अपनी उपस्थिति और कार्यक्षमता को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी के इस कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
