वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए पटना से शुरू होगी सीधी विमान सेवा, अब आसमान से दिखेगा रोमांच

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में अब पर्यटकों का पहुंचना और भी आसान होने वाला है। राज्य सरकार ने वाल्मीकिनगर को हवाई मार्ग से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल की है। अब तक सड़क और रेल मार्ग पर निर्भर रहने वाले पर्यटक जल्द ही पटना से सीधे विमान के जरिए वाल्मीकिनगर पहुंच सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक, प्राकृतिक और विरासती पर्यटन को बढ़ावा देना है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगामी 13 जुलाई को पटना से इस विशेष वायुयान सेवा का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस सेवा के शुरू होने से न केवल पर्यटकों का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्र में विदेशी सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के अनुसार, यह सेवा फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है। इसकी अवधि 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक, यानी कुल छह महीने तय की गई है। इस दौरान यात्रियों की संख्या, मांग और प्राप्त राजस्व की समीक्षा की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है और पर्यटकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो इसे स्थायी रूप से संचालित करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इस सेवा के तहत 20 सीटर स्टेट प्लेन का उपयोग किया जाएगा। वाल्मीकिनगर, जो लंबे समय से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता रहा है, वहां हवाई संपर्क होने से इसकी पहुंच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक और अधिक सुगम हो जाएगी।
उड़ान का समय और किराया
विमान सेवा सप्ताह में दो दिन, शनिवार और रविवार और शनिवार को संचालित होगी। यात्रियों के लिए प्रति व्यक्ति किराया 5,000 रुपये निर्धारित किया गया है। विमान सेवा के संचालन के लिए दो समय निर्धारित किए गए हैं। पहली उड़ान पटना से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी और वाल्मीकिनगर से सुबह 11:00 बजे वापस आएगी।
वहीं, दूसरी उड़ान पटना से दोपहर 3:00 बजे प्रस्थान करेगी और वाल्मीकिनगर से शाम 4:30 बजे वापसी करेगी। यह समय सारणी पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है ताकि वे दिन भर का समय रिजर्व में बिताकर वापस लौट सकें।
क्षेत्रीय विकास की नई उम्मीदें
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एयर टूरिज्म की शुरुआत से स्थानीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। हवाई सेवा के माध्यम से आने वाले पर्यटकों के लिए होटल, गाइड और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ेगी। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि वाल्मीकिनगर को बिहार के मानचित्र पर एक प्रमुख एयर-कनेक्टेड डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा।
प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वाल्मीकिनगर में विमान के उतरने और यात्रियों के आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। आने वाले महीनों में यह सेवा बिहार के पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
