नूंह: 6 डेयरियों पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, 5 हजार किलो से ज्यादा नकली पनीर नष्ट
नूंह जिले में त्योहारों के सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की। फिरोजपुर झिरका तहसील के गांव गुज्जर नगला में 6 डेयरियों पर एक साथ छापेमारी की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा
हरियाणा के नूंह जिले में त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फिरोजपुर झिरका तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव गुज्जर नगला में स्थित छह डेयरियों पर एक साथ छापेमारी की गई, जहां बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर बनाने का भंडाफोड़ हुआ है।
इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पाया कि डेयरियों में स्वास्थ्य मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। मौके से बरामद 5,319 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को प्रशासनिक निगरानी में नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर नकेल कसना है।
पाम ऑयल और रैनिपाल व्हाइटनर का खतरनाक इस्तेमाल
छापेमारी के दौरान टीम को डेयरियों से ऐसी सामग्री मिली जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। निरीक्षण में पाम ऑयल, भारी मात्रा में मिल्क पाउडर, सोया उत्पाद और 'रंगकट' नामक रसायन बरामद किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पनीर को सफेद और चमकदार बनाने के लिए कपड़ों में इस्तेमाल होने वाला 'रैनिपाल फैब्रिक व्हाइटनर' भी जब्त किया गया है।
विभागीय टीम ने मौके से 750 किलोग्राम मिल्क पाउडर, 60 किलोग्राम पाम ऑयल, 5 किलोग्राम रैनिपाल फैब्रिक व्हाइटनर और 3 किलोग्राम रंगकट को सील कर दिया है। इन रसायनों का उपयोग पनीर की गुणवत्ता और दिखावट को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए किया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
संयुक्त टीम और भारी पुलिस बल की तैनाती
इस अभियान को सफल बनाने के लिए फिरोजपुर झिरका के एसडीएम की देखरेख में चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। कार्रवाई में नूंह के अलावा पलवल, फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम और रेवाड़ी के छह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई ने मिलावटखोरों में हड़कंप मचा दिया है।
जब्त किए गए पनीर के सात नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. विकास जागलान ने स्पष्ट किया कि नष्ट किया गया पनीर पूरी तरह से अमानक था। जेसीबी की मदद से जमीन में गड्ढा खोदकर इस भारी मात्रा में नकली पनीर को नष्ट किया गया ताकि यह किसी भी स्थिति में बाजार तक न पहुंच सके।
आगे की कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से आने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है ताकि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों की गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!