पाकिस्तान के साथ बातचीत पर मनोहर लाल का दो टूक: पहले आतंकवाद पर लगाम लगाए पड़ोसी मुल्क
भारत-पाक रिश्तों पर बोले- पहले आतंकवाद पर कार्रवाई जरूरी। पाकिस्तान को पहले अपने यहां आतंकवाद खत्म करने का भरोसा देना होगा, तभी आगे किसी भी तरह की बातचीत संभव हो सकेगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में एक प्रेस वार्ता के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही चर्चाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पड़ोसी देश के साथ बातचीत तभी संभव है जब वह अपनी धरती से आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करे। उन्होंने कहा कि भारत का रुख पहले से ही स्पष्ट रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
आतंकवाद पर ठोस आश्वासन जरूरी
हाल ही में भारत और पाकिस्तान की प्रमुख हस्तियों द्वारा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को लिखे गए पत्र के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए दोहराया कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ न हो। जब तक पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अपनी भूमिका को लेकर ठोस और विश्वसनीय आश्वासन नहीं देता, तब तक किसी भी तरह की द्विपक्षीय वार्ता का कोई औचित्य नहीं है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकवादी अड्डों को नष्ट करना होगा। भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और पड़ोसी देश को पहले अपनी कथनी और करनी में अंतर मिटाना होगा।
रेवाड़ी कार्यक्रम में गैरहाजिरी पर प्रतिक्रिया
रेवाड़ी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में राव इंद्रजीत समेत तीन विधायकों की अनुपस्थिति पर पूछे गए सवाल पर मनोहर लाल ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी है, लेकिन इस पर कोई भी निर्णय या कार्रवाई हरियाणा इकाई द्वारा ही ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पूरा मामला उनके संज्ञान में नहीं आता, तब तक वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
गैंगस्टर गतिविधियों और व्यापारियों से फिरौती मांगने के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी कि वे लालच में आकर अपराध की दुनिया में न पड़ें। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी धमकी या फिरौती की कॉल मिलने पर डरने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यमुना जल बंटवारा और एथेनॉल तकनीक
यमुना जल बंटवारे के मुद्दे पर मनोहर लाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1994 के समझौते और हालिया एमओयू के तहत पानी का बंटवारा तय किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा के लिए 24 हजार क्यूसेक पानी आरक्षित है और राजस्थान को पानी तभी मिलेगा जब दिल्ली और हरियाणा की जरूरतें पूरी हो जाएंगी। आरोखा, लखवार और किशाऊ बांधों के निर्माण से जल प्रबंधन में और अधिक सुधार आएगा।
एथेनॉल के उपयोग को लेकर फैली अफवाहों पर उन्होंने कहा कि यह एक विकसित होती तकनीक है। शुरुआत में 5 प्रतिशत से शुरू हुआ मिश्रण अब 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों से एथेनॉल बनाने से विदेशों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा। यदि कोई तकनीकी समस्या आती है, तो विशेषज्ञ उसका समाधान निकालने के लिए काम कर रहे हैं।
अंत में, उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे वह कानून व्यवस्था हो या जल प्रबंधन, सरकार हर स्तर पर पारदर्शी और ठोस कदम उठा रही है ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!