आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब रोबोटिक सर्जरी की तैयारी, 25 करोड़ की लागत से आएंगे हाईटेक रोबोट
शासन और मेडिकल कॉलेज स्तर पर तीन सर्जिकल रोबोट खरीदे जाएंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आधुनिक चिकित्सा तकनीक की ओर कदम
आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। संस्थान में अब एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। इस पहल के तहत कॉलेज में तीन अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोट स्थापित किए जाएंगे, जिससे जटिल से जटिल ऑपरेशन को अधिक सटीकता और सुरक्षा के साथ संपन्न किया जा सकेगा।
इस परियोजना को कॉलेज के 1200 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान का हिस्सा बनाया गया है। प्रशासन ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। योजना के मुताबिक, एक रोबोट शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि शेष दो रोबोट मेडिकल कॉलेज अपने स्वयं के संसाधनों से खरीदेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2027 तक ये रोबोटिक सिस्टम अस्पताल में क्रियाशील हो जाएंगे।
25 करोड़ की लागत और अंतरराष्ट्रीय तकनीक
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार, प्रत्येक रोबोट की अनुमानित लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है। ये उपकरण अमेरिका और जर्मनी की उन्नत तकनीक पर आधारित होंगे। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है और संबंधित कंपनियों द्वारा अपने उत्पादों का प्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका है।
रोबोटिक सर्जरी के लिए सर्जनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को एम्स भेजा जा रहा है ताकि वे इस नई तकनीक में दक्षता हासिल कर सकें। यह प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगा कि सुविधा शुरू होते ही मरीजों को बिना किसी बाधा के बेहतर उपचार मिल सके।
मरीजों को मिलेगा सटीक इलाज
एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने लगभग 90 हजार मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए आते हैं, जबकि यहां प्रतिमाह 3700 से अधिक ऑपरेशन किए जाते हैं। रोबोटिक तकनीक के आने से हड्डी रोग, पेट रोग, बाल रोग और ईएनटी जैसे विभागों में जटिल सर्जरी अधिक सुलभ हो जाएगी। इसका सीधा लाभ आगरा के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले गंभीर मरीजों को मिलेगा।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं। इसमें शरीर पर चीरा बहुत छोटा लगता है, जिससे रक्तस्राव और दर्द की संभावना न्यूनतम हो जाती है। साथ ही, संक्रमण का खतरा भी काफी कम हो जाता है। थ्री-डी हाई-डेफिनेशन विजुअल और 360 डिग्री तक घूमने वाले रोबोटिक आर्म्स के कारण शरीर के सबसे कठिन हिस्सों में भी सर्जन सटीक सर्जरी कर पाएंगे।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत कॉलेज परिसर में रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के लिए एक 10 मंजिला नई इमारत का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस इमारत में एआई आधारित सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन आधुनिक मशीनों के आने से बीमारियों की पहचान और सटीक निदान की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और विश्वसनीय हो जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!