दतिया में मानसून की सुस्त चाल: सामान्य से 65 फीसदी कम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
Datia weather update, monsoon deficit 65% this year. दतिया जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दतिया में मानसून की बेरुखी से बढ़ी परेशानी
दतिया जिले में इस वर्ष मानसून की शुरुआत बेहद सुस्त रही है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि कार्यों पर भी गहरा असर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में मामूली बदलाव जरूर देखा गया है, लेकिन बारिश की कमी ने प्रशासन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक औसत से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे सूखे जैसे हालात की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, हवा में नमी की अधिकता के कारण उमस का स्तर अभी भी काफी बना हुआ है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। उनाव रोड स्थित वेदर स्टेशन के मुताबिक, अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है।
पिछले साल की तुलना में 65 प्रतिशत की भारी कमी
मानसून के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 5 जुलाई 2026 तक जिले में मात्र 51.40 मिमी औसत बारिश हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 147.95 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार, पिछले साल की तुलना में इस बार अब तक करीब 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो खेती के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।
न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई है, जो 25.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह के समय हवा में नमी 78 प्रतिशत थी, जो शाम होते-होते 92 प्रतिशत तक पहुंच गई। नमी का यह उच्च स्तर उमस को और अधिक बढ़ा रहा है, जिससे लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लॉकवार बारिश का असमान वितरण
जिले के सभी क्षेत्रों में बारिश का वितरण भी समान नहीं रहा है। रविवार को जिले में औसतन 12.25 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसमें दतिया ब्लॉक में सबसे अधिक 31 मिमी और भांडेर में 18 मिमी वर्षा हुई। वहीं, दूसरी ओर सेवढ़ा और इंदरगढ़ ब्लॉक में बारिश का एक बूंद भी नहीं गिरा, जिससे वहां के किसान सूखे की मार झेल रहे हैं।
हालांकि पिछले साल 5 जुलाई को जिले में कहीं भी बारिश नहीं हुई थी, इस बार दतिया और भांडेर में हुई बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है। लेकिन कुल मिलाकर मानसून की यह रफ्तार संतोषजनक नहीं कही जा सकती है।
आगे की संभावना और कृषि पर प्रभाव
मानसून की इस सुस्त चाल के कारण खरीफ की फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर देख रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज नहीं होता है, तो फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और किसान अब इसी उम्मीद में हैं कि जल्द ही मानसून सक्रिय होगा और जिले को सूखे के खतरे से बाहर निकालेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
