गोरखपुर: विदेश में नौकरी का झांसा देकर दो भाइयों को बनाया बंधक, लाखों की ठगी के बाद जान से मारने की धमकी
Gorakhpur job scam update: Two brothers duped of Rs 2.52 lakh, sent to Bangkok and held captive. Latest news from Gorakhpur. आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो भाइयों को अपने जाल में फंसाया। मलेशिया भेजने के लिए 2 लाख 52 हजार रुपये लिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरखपुर में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दो भाइयों को मलेशिया भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर बैंकॉक भेज दिया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने इस दौरान पीड़ितों से ढाई लाख रुपये से अधिक की राशि ऐंठ ली।
मलेशिया के नाम पर बैंकॉक का टिकट
देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के रहने वाले ज्ञानदास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई भगवानदास और गोपालदास रोजगार की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात गोरखपुर के कैंट क्षेत्र के सिंघड़िया निवासी सुग्रीव सिंह और जंगल सखनी निवासी रामानुज यादव से हुई। आरोपियों ने सिंघड़िया में अपना ऑफिस खोल रखा था और विदेश भेजने का दावा करते थे।
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इस काम के लिए आरोपियों ने 30 मार्च और 19 अप्रैल 2026 को कुल 2.52 लाख रुपये लिए। इसमें से 1.89 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जबकि 63 हजार रुपये नकद दिए गए। रुपये लेने के बाद 21 अप्रैल को जालसाजों ने दोनों भाइयों को लखनऊ से बैंकॉक जाने वाली फ्लाइट में बैठा दिया।
तीन दिन तक कमरे में कैद रखा
बैंकॉक पहुंचते ही दोनों भाइयों को वहां मौजूद कुछ अज्ञात लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें एक कमरे में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें न तो खाना दिया गया और न ही पानी, जिससे उनकी हालत खराब हो गई। वे इस स्थिति में थे कि उन्हें यह भी नहीं पता था कि उनके साथ आगे क्या होने वाला है।
किसी तरह अपनी जान बचाकर दोनों भाई वहां से भागने में सफल रहे। इसके बाद उन्होंने अपने परिजनों से संपर्क किया। परिवार ने किसी तरह धन जुटाकर और पैसे भेजकर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। भारत लौटने के बाद जब उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं।
पुलिस जांच में जुटी
पीड़ितों ने रविवार शाम कैंट थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और क्या इन्होंने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।
इस घटना ने विदेश जाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक चेतावनी पेश की है। अक्सर एजेंट टूरिस्ट वीजा का सहारा लेकर लोगों को विदेश भेजते हैं और वहां उन्हें किसी जालसाज गिरोह के हवाले कर देते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले उसके लाइसेंस और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य कर लें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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