हरियाणा को पंचायत विकास के लिए 590 करोड़ की सौगात, मनरेगा श्रमिकों को अब मिलेगा 125 दिन का काम
Haryana gets ₹590.99 crore from Centre. इस दौरान पंवार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं और हरियाणा के लिए मिली वित्तीय सहायता का विवरण दिया। उन्होंने मनरेगा और ग्रामीण विकास कार्यों में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों की भी जानकारी दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के ग्रामीण विकास को मिली नई गति
हरियाणा के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हाल ही में अपने महम दौरे के दौरान राज्य के ग्रामीण विकास को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता और राज्य में लागू की जा रही नई योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय पंचायत मंत्री शिवराज चौहान की अध्यक्षता में देश के 28 राज्यों के पंचायत मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के परिणाम स्वरूप हरियाणा को केंद्र सरकार की ओर से 590.99 करोड़ रुपए की बड़ी राशि आवंटित की गई है। इस वित्तीय सहायता के ढांचे के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र और राज्य का अनुपात 60:40 का निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत अपने हिस्से के रूप में 393 करोड़ रुपए का अनुदान भी जारी कर दिया है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
मनरेगा श्रमिकों के लिए बढ़ा रोजगार का दायरा
पंचायत मंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए सकारात्मक बदलावों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि अब राज्य के ग्रामीण श्रमिकों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, श्रमिकों को 60 दिन का विशेष अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने और श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी श्रमिक द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर उसे रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को उनके अधिकारों का लाभ समय पर मिल सकेगा।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सरकार की कड़ी नजर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक का हवाला देते हुए पंवार ने बताया कि गांवों में होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब गांवों में विकास कार्यों के दौरान 60 एमएम की जगह 80 एमएम की ईंटों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है ताकि निर्माण कार्य अधिक टिकाऊ और मजबूत बन सकें।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या ठेकेदार घटिया सामग्री का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य गांवों में लंबे समय तक चलने वाली परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और भविष्य की राह
पंचायत मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के सरपंचों, पंचायत समिति के सदस्यों और जिला परिषद के प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार तत्पर है। उन्होंने कहा कि जब भी ये प्रतिनिधि अपनी समस्याओं या विकास कार्यों के प्रस्ताव लेकर आते हैं, तो उन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक सिफारिशों के साथ काम को आगे बढ़ाया जाता है। यह समन्वय ग्रामीण विकास की गति को और अधिक तेज करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हरियाणा के गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रयास से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा होने से पलायन की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
