गुरुग्राम: 15 दिनों से गंदा पानी पीने को मजबूर दलित बस्ती के लोग, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
Gurugram Sohna Dalit Basti 15 days contaminated water supply issue heats up. गुरुग्राम जिले के सोहना के गांव अभयपुर की दलित बस्ती में पिछले 15 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति का मामला गरमा गया है। समस्या से परेशान बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने शनिवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल समाधान की मांग की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गुरुग्राम जिले के सोहना स्थित अभयपुर गांव की दलित बस्ती में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां के निवासी पिछले 15 दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति से जूझ रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रभावित महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय का रुख किया और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
पाइपलाइन में गड़बड़ी से घरों में पहुंच रहा बदबूदार पानी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी बस्ती की मुख्य पेयजल पाइपलाइन में किसी अन्य दूषित स्रोत की लाइन को अवैध रूप से जोड़ दिया गया है। इस तकनीकी खामी या लापरवाही के चलते पिछले दो सप्ताह से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जो पीने तो दूर, दैनिक उपयोग के लायक भी नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बोतलों में भरकर यह गंदा पानी अधिकारियों को दिखाया और अपनी पीड़ा बयां की।
दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बस्ती के बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। निवासियों का कहना है कि वे मजबूरन इस पानी का उपयोग करने को विवश हैं, जिससे जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पहले भी स्थानीय अधिकारियों और जन स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाई थी, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीण भीम और जयप्रकाश ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण समस्या विकराल होती गई। शनिवार को जब ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया है। शिकायत दर्ज कराने के बाद एसडीएम कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं।
एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। यदि पाइपलाइन में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा ताकि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल हो सके। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि पीने का पानी एक बुनियादी अधिकार है और प्रशासन इसे उपलब्ध कराने में विफल रहा है। आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।
फिलहाल, अभयपुर गांव की इस दलित बस्ती के लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना यह होगा कि जन स्वास्थ्य विभाग कितनी जल्दी इस तकनीकी खामी को दूर कर ग्रामीणों को राहत प्रदान करता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
