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खगड़िया: पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का समापन, 40 कलाकारों ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा

Khagaria district folk music workshop concludes with 40 budding artists performances. खगड़िया में जिला कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। इस कार्यशाला में 40 नवोदित कलाकारों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिन्होंने समापन समारोह में समूह लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

11 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.3K
खगड़िया: पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का समापन, 40 कलाकारों ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा
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बिहार के खगड़िया जिले में जिला कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जिले की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें लोक संगीत की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराना था। कार्यशाला में कुल 40 नवोदित कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने पांच दिनों तक संगीत के विभिन्न पहलुओं का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण और कला का संगम

पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को लोक संगीत की बारीकियों, सुर-ताल के तालमेल, गायन शैली और मंच पर प्रस्तुति देने के कौशल सिखाए गए। अनुभवी प्रशिक्षकों और लोक संगीत के जानकारों ने युवा कलाकारों को न केवल संगीत के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया, बल्कि उन्हें लोक गीतों के माध्यम से अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए भी प्रेरित किया। समापन समारोह के दौरान इन कलाकारों ने समूह में लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने सभी 40 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाण-पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोक संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रखेगा ताकि स्थानीय स्तर पर कलाकारों को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहे।

सांस्कृतिक पहचान को मजबूती

समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न भगत और जदयू जिला अध्यक्ष अनुराधा कुमारी ने शिरकत की। दोनों ने कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में सहायक होते हैं। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के प्रति समर्पित रहें और लोक संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाएं।

इस अवसर पर संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहीं। इनमें प्रसिद्ध लोकगायक राजकुमार पोद्दार, विद्यानंद, तबला वादक बिपिन कुमार और कवि शंकरानंद शामिल थे। इन दिग्गजों की उपस्थिति ने नवोदित कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान मनीष कुमार और खुशबू कुमारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

भविष्य की दिशा और संकल्प

कार्यशाला का समापन लोक कला और संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी अपनी कला को निखारने और उसे समाज के बीच ले जाने का वादा किया। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों से न केवल कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि जिले में एक स्वस्थ सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण भी होता है। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

खगड़िया में आयोजित यह कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच की आवश्यकता है। विभाग द्वारा की गई यह पहल स्थानीय कला प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जो जिले की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाई प्रदान करेंगे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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