कटिहार में मूसलाधार बारिश का कहर: तीन घंटे की बरसात से शहर की सड़कों पर भरा दो फीट पानी
Katihar waterlogging after 3 hours of heavy rain. राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। शुक्रवार, 10 जुलाई को कटिहार सहित राज्य के एक दर्जन से अधिक जिलों में मूसलाधार बारिश हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच कटिहार जिले में शुक्रवार, 10 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर में मात्र तीन घंटे की तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक हुई इस जोरदार बरसात के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में भरा पानी
बारिश का सबसे विकराल रूप कटिहार नगर निगम क्षेत्र के मुख्य बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में देखने को मिला। एमजी रोड, मंगल बाजार, चूड़ी पट्टी और फल पट्टी जैसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। पानी का स्तर इतना अधिक था कि यह दुकानों के भीतर तक प्रवेश कर गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्राहकों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
रिहायशी इलाकों की बात करें तो टीवी मोहल्ला, जयप्रकाश नगर, शिवपुरी, महानंदा कॉलोनी, सदर अस्पताल के पास की कालीबाड़ी रोड और राज हाता जैसे क्षेत्रों में भी जलजमाव से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। टीवी सेंटर मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामने मुख्य सड़क पर दो फीट पानी जमा होने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
मौसम विभाग और प्रशासन की स्थिति
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के अमदाबाद प्रखंड में सबसे अधिक 108.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पूरे जिले में मानसून के सक्रिय होने से नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि देखी जा रही है। कुर्सेला में कोसी नदी और आजमनगर-प्राणपुर क्षेत्र में महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में कटाव का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है।
नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें जलजमाव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए जुटी हुई हैं। हालांकि, जल निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण पानी उतरने की गति काफी धीमी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
आगे की स्थिति और चुनौतियां
कटिहार में हुई इस बारिश ने मानसून के आने वाले दिनों के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है, तो निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। फिलहाल, शहर के कई वार्डों में जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रशासन के सामने अब जल निकासी के साथ-साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण होने वाले कटाव को रोकने की भी बड़ी चुनौती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि हर साल बरसात के मौसम में उन्हें इस तरह की नारकीय स्थिति का सामना न करना पड़े। फिलहाल, नगर निगम की मशीनें और कर्मचारी जलजमाव वाले स्थानों से पानी निकालने के प्रयास में लगे हुए हैं, लेकिन जलभराव का दायरा इतना बड़ा है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
