जोधपुर: बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे शहरवासी, कहीं अंधेरा तो कहीं सीवर की समस्या से बेहाल
Jodhpur civic issues highlight water scarcity, garbage non-removal, and delayed road repairs. जोधपुर के महावीर नगर में 2 महीने से पानी की किल्लत है, नागौरी गेट पर कचरा नहीं उठता और सड़कें 4 महीने से खुदी पड़ी हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जोधपुर शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। शहर की कई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अंधेरे में डूबी श्रीराम कॉलोनी और चोक सीवर से परेशान लोग
रावत फाटक के पीछे स्थित श्रीराम कॉलोनी के निवासी पिछले पांच वर्षों से स्ट्रीट लाइट की सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है, जिसके कारण शाम ढलते ही पूरी कॉलोनी में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, प्रताप नगर की यूआईटी कॉलोनी में सीवरेज लाइन के चोक होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गली नंबर 2 में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों और पास के महालक्ष्मी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। निवासियों के अनुसार, निगम में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण से बढ़ी मुश्किलें
कुड़ी भगतासनी इलाके के विवेक विहार सेक्टर 12 में भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यहां के I और J ब्लॉक के बीच सड़क पर कचरे का ढेर और सीवरेज का पानी जमा होने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने सफाई कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
इसके अलावा, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अतिक्रमण की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अशोक उद्यान की पार्किंग पर स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है और पानी के कैंपर रखकर रास्ता बंद कर दिया गया है। इस अतिक्रमण के कारण वहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक सक्रियता और समाधान की उम्मीद
हालांकि, कुछ मामलों में प्रशासनिक सक्रियता के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। चांदपोल इलाके में एक साल से पड़ा मलबा, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ था, शिकायत के बाद हटा दिया गया है। इसी तरह, रावत नगर के गांधी नगर इलाके में बिजली कटौती की समस्या का समाधान डिस्कॉम की टीम द्वारा किया गया, जिससे निवासियों को राहत मिली है।
वर्तमान में, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभागों तक पहुंचा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के आधार पर लोकेशन को मैप पर ट्रैक किया जा रहा है और समाधान के बाद शिकायतकर्ता को सूचित किया जा रहा है। शहर के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि इसी तरह की तत्परता अन्य लंबित समस्याओं के निपटारे में भी दिखाई जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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