झज्जर: जमीन के कागजात दुरुस्त करने के नाम पर 2 लाख की रिश्वत लेते चकबंदी कर्मचारी गिरफ्तार
Jhajjar Anti Corruption Bureau Haryana employee arrested bribe bribe money land papers correction. झज्जर में एंटी करप्शन ब्यूरो हरियाणा ने चकबंदी विभाग से जुड़े कर्मचारी को ढाई लाख रूपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों अरेस्ट किया है। कर्मचारी बलवान सिंह हिसार के आदमपुर मंडी का निवासी है जिसने झज्जर के गांव एमपी माजरा स्थित जमीन के कागज़ात दुरुस्त करवाने के एवज में ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जमीन के कागजात सुधारने के बदले मांगी थी मोटी रकम
हरियाणा के झज्जर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चकबंदी विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कर्मचारी ने जमीन से संबंधित दस्तावेजों को दुरुस्त करने के एवज में शिकायतकर्ता से ढाई लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
पकड़े गए आरोपी की पहचान बलवान सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हिसार जिले की आदमपुर मंडी का निवासी है। झज्जर के गांव एमपी माजरा में स्थित जमीन के कागजात में सुधार के लिए शिकायतकर्ता नवीन ने चकबंदी विभाग से संपर्क किया था, जहां आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली का रास्ता चुना।
जाल बिछाकर एसीबी ने की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता नवीन ने एसीबी को सूचित किया था कि चकबंदी विभाग का कर्मचारी बलवान सिंह उनसे जमीन के कागजात ठीक करने के नाम पर ढाई लाख रुपये मांग रहा है। इस मांग में से 50 हजार रुपये की राशि आरोपी पहले ही वसूल चुका था। शेष 2 लाख रुपये की राशि लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता को झज्जर-गुरुग्राम रोड पर बुलाया था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और एक विशेष योजना तैयार की। इंस्पेक्टर देवेंद्र के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एसीबी ने आरोपी बलवान सिंह को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी की टीम अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल है।
इस गिरफ्तारी के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एसीबी की इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में काम कराने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
एसीबी के अधिकारी अब आरोपी के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच करने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने पहले भी कई लोगों से इसी तरह की अवैध वसूली की होगी। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एसीबी उसकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके। झज्जर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
