जबलपुर में नशा मुक्ति का बिगुल: 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के जरिए तीन साल में नशामुक्त भारत का लक्ष्य
जबलपुर में 15 दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आगाज हुआ है। प्रशासन और पुलिस ने मिलकर अगले तीन वर्षों में देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नशा मुक्ति के लिए जबलपुर में विशेष पहल
मध्य प्रदेश के जबलपुर में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' नामक इस 15 दिवसीय अभियान का उद्देश्य समाज को नशे के चंगुल से मुक्त करना है। भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन के साथ इस मुहिम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम में आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से अगले तीन वर्षों के भीतर भारत को पूर्णतः नशामुक्त बनाने की शपथ ली। यह संकल्प न केवल एक प्रशासनिक लक्ष्य है, बल्कि इसे एक सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी और नई रणनीति
अभियान के दौरान अधिकारियों ने नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की। आईजी प्रमोद वर्मा ने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। वहीं, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह कदम शिक्षण संस्थानों के आसपास के वातावरण को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
एसपी संपत उपाध्याय ने अवैध नशा कारोबारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे का व्यापार करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का जोर केवल जागरूकता फैलाने पर ही नहीं, बल्कि नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर भी है।
रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता
इस अभियान का विस्तार जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर तक भी किया गया। एसपी रेल सुंदर सिंह कनेश, एएसपी भावना मरावी और डीएसपी अंकिता सुल्य की उपस्थिति में वहां एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान संस्कृति स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में रेल यात्रियों ने नशामुक्त जीवन जीने की शपथ ली। करीब 200 लोगों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।
कार्यक्रम के समापन के बाद एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंच सके।
भविष्य की कार्ययोजना
प्रशासन का मानना है कि नशा मुक्ति का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता, इसके लिए जनभागीदारी अनिवार्य है। आगामी 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में विभिन्न कार्यशालाएं, संवाद सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नशे की लत से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें और अपने आसपास के वातावरण को नशामुक्त बनाने में योगदान दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
