अजमेर: शोरूम से निकलते ही धू-धू कर जली नई कार, डॉक्टर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Ajmer doctor saves family from burning new car after showroom delivery. गनीमत रही कि कार चला रहे जेएलएन अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग के न्यूरो सर्जन डॉ. कुशल गोयल ने समय रहते बोनट से उठता धुआं देख लिया। उन्होंने तुरंत कार सड़क किनारे रोककर अपनी मां और अन्य परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर में नई कार खरीदने की खुशियां उस समय मातम में बदलने से बाल-बाल बच गईं, जब शोरूम से डिलीवरी लेने के महज आधे घंटे बाद ही एक नई कार अचानक आग का गोला बन गई। इस भयावह घटना के दौरान कार में सवार एक डॉक्टर ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने परिवार की जान बचा ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।
घर लौटते समय बोनट से उठा धुआं
मिली जानकारी के अनुसार, वैशालीनगर के आनंद नगर निवासी डॉ. कुशल गोयल ने गुरुवार को मारुति कंपनी की नई ऑल्टो के-10 कार खरीदी थी। जेएलएन अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में कार्यरत डॉ. गोयल शोरूम से कार की डिलीवरी लेने के बाद अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ घर लौट रहे थे। शोरूम से निकलने के करीब 30 मिनट बाद ही वैशालीनगर इलाके में कार के बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया।
धुआं देखते ही डॉ. गोयल ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। उन्होंने बिना घबराए कार को तुरंत सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोका। इसके बाद उन्होंने अपनी मां और कार में सवार अन्य परिजनों को तुरंत बाहर निकाला। उनके इस त्वरित निर्णय ने एक बड़े हादसे को होने से रोक दिया, क्योंकि गाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही पलों के भीतर बोनट से आग की लपटें उठने लगीं।
दमकल ने पाया आग पर काबू
कार में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग को सूचित किया। नगर निगम की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद क्षतिग्रस्त कार को टो-व्हीकल की मदद से वापस शोरूम भेज दिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई, हालांकि नई कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना के बाद से ही कार में आग लगने के कारणों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसमें कोई अन्य तकनीकी खराबी थी। कंपनी के स्तर पर भी मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शोरूम से निकली नई गाड़ी में इतनी बड़ी तकनीकी खामी कैसे आई।
जांच का विषय बनी तकनीकी खराबी
विशेषज्ञों का मानना है कि नई गाड़ियों में इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। तकनीकी जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि क्या यह मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट था या कोई अन्य बाहरी कारण। फिलहाल, डॉक्टर और उनके परिवार के सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने वाहन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अजमेर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है। शोरूम प्रबंधन से भी इस बाबत पूछताछ की जा सकती है कि डिलीवरी से पहले कार की तकनीकी जांच (PDI) में क्या कोई चूक हुई थी। फिलहाल, पीड़ित परिवार सुरक्षित है और मामले की विस्तृत जांच का इंतजार किया जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
