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इंदौर के लिए 1214 करोड़ की जल और सीवर परियोजनाओं को केंद्र की हरी झंडी

केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत इंदौर की 1214 करोड़ की जल और सीवर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस योजना में केंद्र से 302 करोड़ की सहायता मिलेगी, जिससे शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

16 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
इंदौर के लिए 1214 करोड़ की जल और सीवर परियोजनाओं को केंद्र की हरी झंडी
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इंदौर के शहरी बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के अंतर्गत इंदौर नगर निगम की 1,214.54 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसके बाद एपेक्स कमेटी ने इन्हें हरी झंडी दिखाई।

परियोजनाओं का विवरण और वित्तीय संरचना

स्वीकृत की गई कुल 1,214.54 करोड़ रुपए की राशि में से 907.74 करोड़ रुपए जल प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 306.80 करोड़ रुपए की राशि सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और सुधार पर खर्च की जाएगी। इस बैठक में मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और यूडीडी के दिव्यांक सिंह ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया और परियोजनाओं की रूपरेखा स्पष्ट की।

अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा सहायता के रूप में प्रदान करेगी। इस प्रकार इंदौर को केंद्र से लगभग 302.70 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। यह सहायता राशि नगर निगम के वित्तीय बोझ को कम करने में सहायक सिद्ध होगी और नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के तहत जल वितरण लाइनों और सीवरेज लाइनों के बिछाने का कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

आधुनिक तकनीक और भविष्य की आवश्यकताएं

नगर निगम ने अपनी प्रस्तुति में स्पष्ट किया है कि इन परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा। इसमें न केवल वर्तमान जल वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा, बल्कि भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीवर नेटवर्क का विस्तार भी किया जाएगा। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के उन्नयन की योजना भी शामिल है, ताकि शहर में जल प्रबंधन को अधिक कुशल बनाया जा सके।

इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से इंदौर में जल आपूर्ति की स्थिति में व्यापक सुधार की उम्मीद है। सीवरेज नेटवर्क के विस्तार से उपचारित पानी के दोबारा उपयोग (Reuse) को बढ़ावा मिलेगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही, भूजल स्तर को बनाए रखने और जल संरक्षण के प्रयासों को भी इन परियोजनाओं से नई मजबूती मिलेगी।

सतत शहरी विकास की ओर कदम

सरकार का मानना है कि इन बुनियादी ढांचागत सुधारों के बाद इंदौर सतत शहरी विकास के क्षेत्र में एक आदर्श शहर के रूप में अपनी पहचान को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह परियोजना न केवल नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि शहर के समग्र कायाकल्प में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में इन कार्यों के शुरू होने से शहर की नागरिक सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद अब नगर निगम प्रशासन इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेगा। केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि के उपयोग के लिए समयबद्ध तरीके से टेंडर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इंदौर के निवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि इससे जल संकट और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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