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मध्य प्रदेश में मानसून का जोर: 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 6.4 इंच हुई वर्षा

Madhya Pradesh (MP) monsoon active system, heavy rainfall in Dewas, Bhopal. मानसून की भारी बारिश से मध्य प्रदेश के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.4K
मध्य प्रदेश में मानसून का जोर: 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 6.4 इंच हुई वर्षा
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प्रदेश भर में सक्रिय मानसून का असर

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते झमाझम बारिश का दौर जारी है। राज्य में अब तक औसत 6.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बारिश से जुड़ी दुर्घटनाएं और जनजीवन पर प्रभाव

बारिश के दौरान हुई घटनाओं में पांढुर्णा जिले के सीतापार स्थित पगड़ी गांव में दुखद हादसा सामने आया, जहां बिजली गिरने से 48 वर्षीय सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई। सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। शाजापुर में 28 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है।

छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में भी अच्छी वर्षा हुई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान में कमी देखी गई है, जिसमें खजुराहो सबसे गर्म और बैतूल सबसे ठंडा रहा।

मानसून के आंकड़े और जुलाई की उम्मीदें

राज्य में अब तक कुल 163.1 मिमी (6.4 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य 172.8 मिमी से 6 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई का महीना मानसून के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जुलाई में आमतौर पर राज्य की कुल मौसमी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बरसता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि पूर्वी हिस्से में अभी भी 29 प्रतिशत की कमी बनी हुई है।

देवास जिले में अब तक सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक यानी 14.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, आलीराजपुर में मानसून की शुरुआत धीमी रही है, जहां केवल 1 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, इंदौर, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी उन जिलों में शामिल हैं जहां अब तक 8 इंच से अधिक पानी गिर चुका है।

प्रमुख शहरों का ऐतिहासिक बारिश रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में जुलाई के दौरान भारी बारिश का लंबा इतिहास रहा है। भोपाल में जुलाई के महीने में औसतन 15 दिन बारिश होती है, और यहां 1986 में एक महीने में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। जबलपुर में भी जुलाई के दौरान अच्छी बारिश होती है, जहां 1930 में 45 इंच तक वर्षा हुई थी। इंदौर में भी 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का पुराना रिकॉर्ड मौजूद है।

ग्वालियर में अन्य बड़े शहरों की तुलना में बारिश का आंकड़ा थोड़ा कम रहता है, जहां जुलाई में औसतन 11 दिन बारिश होती है। मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों के लिए भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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