हरियाणा में मानसून सक्रिय: 11 जुलाई तक झमाझम बारिश के आसार, इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
Haryana monsoon active July 6-11 heavy rains expected. प्रदेश में 6 जुलाई से 11 जुलाई तक लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा में मानसून की सक्रियता, अगले छह दिनों तक बारिश का दौर
हरियाणा में मानसून की रफ्तार अब तेज होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार, प्रदेश में 6 जुलाई से 11 जुलाई तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 से 9 जुलाई और 11 जुलाई को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से 8 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने नागरिकों को बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पंचकूला और यमुनानगर में भारी बारिश की चेतावनी
6 जुलाई के लिए जारी बुलेटिन में पंचकूला और यमुनानगर जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। वहीं, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी में फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा, बरसाती नदियों और छोटे नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने को कहा है।
तापमान में गिरावट और किसानों के लिए राहत
मानसून की सक्रियता का सीधा असर तापमान पर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है और यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। रविवार को सिरसा में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नारनौल में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री कम यानी 33.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में मौसम सुहावना बना हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। धान, बाजरा और कपास की बुवाई और बढ़वार के लिए इस समय पानी की काफी आवश्यकता है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश की संभावना है, वहां किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है ताकि फसल को नुकसान न हो।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में न जाएं और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा रहता है, इसलिए सुरक्षित स्थानों पर रहना ही उचित है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहेगा और बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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