हरियाणा कैबिनेट की बैठक 28 जुलाई को: विधानसभा सत्र और नई ईवी नीति पर हो सकता है बड़ा फैसला
हरियाणा सरकार की 28 जुलाई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित प्रस्तावों और हालिया प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए उद्योग, कर्मचारियों, कृषि, शहरी विकास और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होने की संभावना है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने आगामी 28 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें राज्य के विकास और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े कई बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।
विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों पर चर्चा
इस कैबिनेट बैठक का सबसे मुख्य बिंदु आगामी विधानसभा मानसून सत्र की रणनीति माना जा रहा है। सरकार सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों और विपक्ष के संभावित सवालों का जवाब देने की रूपरेखा तैयार कर सकती है। सत्र के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और सरकार की ओर से कौन से नए प्रस्ताव सदन में रखे जाएंगे, इस पर चर्चा होना लगभग तय है।
इसके अलावा, राज्य के विभिन्न विभागों में लंबित पड़े प्रस्तावों को भी इस बैठक में मंजूरी मिल सकती है। कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों, कृषि क्षेत्र की जरूरतों और शहरी विकास परियोजनाओं पर भी मंत्रियों के बीच विचार-विमर्श होने की पूरी संभावना है।
दिल्ली की तर्ज पर आ सकती है नई ईवी नीति
कैबिनेट बैठक में सबसे अधिक चर्चा हरियाणा की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति में संशोधन को लेकर है। हाल ही में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए नई व्यवस्था बनाने पर जोर दिया था।
प्रस्तावित बदलावों के तहत, इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित करने की योजना है। इससे ग्राहकों को वाहन खरीदते समय ही सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। सरकार दिल्ली की तर्ज पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों की भौगोलिक और यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी मौजूदा ईवी नीति-2022 में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है।
प्रशासनिक और जनहित के फैसलों पर नजर
कैबिनेट की इस बैठक में केवल नीतिगत बदलाव ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक फेरबदल और राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा सत्र से पहले जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करना और लंबित विकास कार्यों को गति देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कैबिनेट में ईवी नीति को मंजूरी मिलती है, तो यह हरियाणा में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इसके साथ ही, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने और नई भर्तियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी जा सकती है। फिलहाल, सभी विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं जिन्हें कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 28 जुलाई को होने वाली यह बैठक राज्य के भविष्य के नीतिगत निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
