हरदा: मूंग खरीदी और खाद वितरण की मांगों को लेकर किसानों का 12 घंटे लंबा चक्काजाम समाप्त
आम किसान यूनियन द्वारा इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह से जारी चक्काजाम देर रात 12 बजे स्थगित कर दिया गया। प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों को कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने और मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने का आश्वासन दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों द्वारा किया जा रहा चक्काजाम आखिरकार 12 घंटे के संघर्ष के बाद समाप्त हो गया है। आम किसान यूनियन के बैनर तले बुधवार सुबह से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देर रात 12 बजे प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। इस आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे-47 पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख मांगें और आंदोलन का कारण
किसानों का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगों को लेकर था। इसमें मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद सुनिश्चित करना, खाद वितरण प्रणाली में लागू ई-टोकन व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना और फसल बीमा का लाभ किसानों तक सही ढंग से पहुंचाना शामिल था। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि मौजूदा व्यवस्थाओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और वे लंबे समय से अपनी इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे।
आंदोलन का असर इंदौर-नागपुर फोरलेन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसान सुबह से ही सड़क पर उतर आए थे, जिसके चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
प्रशासन के साथ वार्ता और आश्वासन
दिन भर चले गतिरोध के बाद, आम किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन से मुलाकात की। इस बैठक में किसानों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। प्रशासन की ओर से किसानों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन मांगों को कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी।
आम किसान यूनियन के सदस्य दिनेश लेगा ने बताया कि प्रशासन द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद संगठन ने चक्काजाम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में आंदोलन को फिर से तेज किया जा सकता है। आश्वासन मिलने के बाद देर रात हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे आवागमन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।
आगे की स्थिति
फिलहाल नेशनल हाईवे पर स्थिति सामान्य है और वाहनों की आवाजाही बहाल हो चुकी है। हालांकि, स्थानीय किसानों की नजरें अब प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि खाद वितरण और सरकारी खरीद में आ रही तकनीकी बाधाएं किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिनका समाधान करना प्रशासन के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रशासनिक स्तर पर अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक कब तक आयोजित होती है और किसानों की मुख्य मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है। फिलहाल, हरदा के किसान प्रशासन के इस आश्वासन को एक अस्थायी राहत के रूप में देख रहे हैं, लेकिन उनकी भविष्य की रणनीति पूरी तरह से सरकारी कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!