ग्वालियर: गूगल मैप के भरोसे नो-एंट्री में घुसा ट्रक, 15 श्रद्धालुओं की मौत; सुरक्षा में 5 बड़ी चूक
अष्टमी की रात 2 बजे शीतला माता दर्शन के लिए जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच नो-एंट्री से घुसा एक बेकाबू ट्रक काल बनकर दौड़ा। अगर 200 साल पुराना शीतला माता मंदिर का सीमेंट-कंक्रीट गेट सामने न आता, तो मौतों का आंकड़ा 100 के पार चला जाता।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

श्रद्धालुओं से भरी भीड़ में काल बनकर घुसा ट्रक
ग्वालियर के चीनौर-शीतला माता मार्ग पर शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 15 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान धान से लदा एक अनियंत्रित ट्रक नो-एंट्री जोन में घुस गया और श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ आगे बढ़ गया। इस हादसे में 42 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
मृतकों में 5 किशोर, एक महिला और 9 पुरुष शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि मंदिर का 200 साल पुराना सीमेंट-कंक्रीट का गेट रास्ते में नहीं आता, तो ट्रक की चपेट में आने से मरने वालों का आंकड़ा और भी अधिक हो सकता था। ट्रक इस गेट से टकराकर रुक गया, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया।
गूगल मैप और नशे में धुत ड्राइवर की लापरवाही
जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक पंजाब जाने के लिए गूगल मैप का सहारा ले रहे थे। स्थानीय रास्तों की जानकारी न होने के कारण वे हाईवे छोड़कर संकरे और प्रतिबंधित मार्ग पर आ गए। अमरोल गांव के ग्रामीणों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवरों ने गूगल मैप का हवाला देते हुए आगे बढ़ने की जिद की। ग्रामीणों का आरोप है कि चालकों के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी, जो उनकी नशे की हालत की पुष्टि करती है।
यह ट्रक करीब 7 किलोमीटर तक नो-एंट्री वाले रास्ते पर चलता रहा। रास्ते में ग्रामीणों के शोर मचाने और चेतावनी देने के बावजूद ट्रक चालकों ने वाहन नहीं रोका। यह लापरवाही सीधे तौर पर एक बड़े हादसे का कारण बनी।
पुलिस चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चीनौर थाना क्षेत्र में पुलिस का चेकिंग पॉइंट होने के बावजूद, ओवरलोड ट्रक का मंदिर के पास तक पहुंच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब छोटे वाहनों को रोका जा रहा था, तो भारी ट्रकों को प्रवेश कैसे मिला?
मंदिर प्रबंधन की ओर से भी भारी वाहनों को रोकने के लिए कोई पुख्ता बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। जबकि उस समय मंदिर परिसर में करीब एक लाख श्रद्धालु मौजूद थे। घटना से महज 15 मिनट पहले ही एसएसपी धर्मवीर सिंह भीड़ को नियंत्रित कर वहां से निकले थे, जिसके तुरंत बाद यह हादसा हो गया।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के आदेश
घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर 9 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, चीनौर थाना की जिम्मेदारी अभी भी जांच का विषय बनी हुई है। ग्वालियर कलेक्टर ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं।
फिलहाल, घायलों का उपचार अस्पतालों में चल रहा है और प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों और भारी वाहनों के आवागमन पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!