ग्रेटर नोएडा: पीएनबी की ऐच्छर शाखा में 35 करोड़ का बड़ा घोटाला, एफडी तोड़कर उड़ाए पैसे
ग्रेटर नोएडा के PNB की ऐच्छर गांव शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई है। इस मामले के बाद PNB के क्षेत्रीय कार्यालय ने मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर नया स्टाफ तैनात किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ऐच्छर गांव की पीएनबी शाखा में करोड़ों की हेराफेरी
ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक के खाताधारकों की जमा पूंजी को निशाना बनाते हुए करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा है। बैंक के भीतर हुए इस बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही खाताधारकों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग बैंक शाखा के बाहर जमा हो गए।
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने मिलीभगत कर खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को बिना उनकी जानकारी के तोड़ दिया। इसके बाद, इन खातों में जमा रकम को अवैध तरीके से अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस घटना ने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई की है। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक (मैनेजर) सहित कुल पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बैंक की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए शाखा में नया स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि खाताधारकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और बैंक का कामकाज सामान्य रूप से चल सके।
पीड़ित खाताधारकों में से एक, ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके खाते से 25 लाख रुपये गायब हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि म्यूचुअल फंड में निवेश के नाम पर उनसे चेक पर हस्ताक्षर लिए गए थे, लेकिन बाद में वह राशि किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इसी तरह, बृजेश नामक एक अन्य खाताधारक ने बताया कि उनकी मां के खाते में नोएडा एयरपोर्ट के मुआवजे के रूप में 1.29 करोड़ रुपये आए थे, जिसमें से 15 लाख रुपये निकालने के बाद शेष एक करोड़ से अधिक की राशि गायब पाई गई।
पुलिस और एंटी करप्शन टीम की जांच शुरू
बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को अब तक कुल 16 औपचारिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एंटी करप्शन टीम भी सक्रिय हो गई है और बैंक के रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें।
बैंक प्रबंधन ने प्रभावित खाताधारकों को आश्वस्त किया है कि उनकी जमा राशि सुरक्षित है और उन्हें जल्द ही वापस लौटा दी जाएगी। हालांकि, खाताधारकों का आक्रोश अभी भी बना हुआ है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस घोटाले में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब बैंक के सर्वर डेटा और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह घोटाला लंबे समय से चल रहा था या हाल ही में अंजाम दिया गया है। बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी आंतरिक ऑडिट के जरिए वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटे हैं।
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में अपने बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों के स्टेटमेंट की नियमित जांच करते रहें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक और पुलिस को दें। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!