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गोपालगंज: सासामुसा चीनी मिल के बकाए भुगतान और अवैध कटाई के खिलाफ जन सुराज का प्रदर्शन

जन सुराज पार्टी ने कुचायकोट प्रखंड मुख्यालय पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जन सुराज पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष रीना देवी ने किया, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 852
गोपालगंज: सासामुसा चीनी मिल के बकाए भुगतान और अवैध कटाई के खिलाफ जन सुराज का प्रदर्शन
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सासामुसा चीनी मिल के खिलाफ जन सुराज का बड़ा प्रदर्शन

बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित सासामुसा चीनी मिल के बंद होने और उससे जुड़े विवादों को लेकर जन सुराज पार्टी ने कड़ा रुख अपना लिया है। पार्टी ने कुचायकोट प्रखंड मुख्यालय पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें मिल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जन सुराज की महिला जिलाध्यक्ष रीना देवी ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने की।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मिल के बंद होने के बाद से ही क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। मिल पर किसानों का लगभग 65 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से बकाया है। इसके अलावा, मिल के पूर्व कर्मचारियों, मजदूरों और अन्य संबंधित एजेंसियों का भी करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। कुल मिलाकर, सासामुसा चीनी मिल पर करीब 77 करोड़ रुपये की देनदारी का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है।

अवैध कटाई और मिलीभगत के गंभीर आरोप

धरना सभा को संबोधित करते हुए जन सुराज के नेताओं ने आरोप लगाया कि मिल परिसर में मौजूद कीमती मशीनों और कल-पुर्जों को अवैध रूप से कबाड़ के भाव बेचा जा रहा है। नेताओं का दावा है कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी मात्रा में मिल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना संभव नहीं है। इस अवैध कटाई से किसानों और मजदूरों के बकाए की वसूली की संभावनाएं लगभग खत्म होती जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

पार्टी के जिला युवा अध्यक्ष डॉ. राजा हुसैन और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि मिल को पुनर्जीवित करने के बजाय उसे पूरी तरह नष्ट करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मिल की संपत्ति की लूट नहीं रुकी, तो जन सुराज पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने के लिए तैयार है।

सात सूत्री ज्ञापन और भविष्य की रणनीति

विरोध प्रदर्शन के अंत में जन सुराज पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित सात सूत्री ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से मिल परिसर में अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी करने, मिल को दोबारा चालू करने और किसानों व मजदूरों के 77 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में अन्य स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है। इसमें सासामुसा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण, किसानों के केसीसी ऋण माफी और स्थानीय बाजार में जल निकासी व सार्वजनिक शौचालय की उचित व्यवस्था जैसी मांगें शामिल हैं। पार्टी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव

सासामुसा चीनी मिल का बंद होना न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे कुचायकोट क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। एक समय में यह मिल क्षेत्र के हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार थी। अब इसके बंद होने और संपत्ति के क्षरण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी खत्म हो गए हैं। जन सुराज का यह प्रदर्शन इसी उपेक्षा के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक कदम माना जा रहा है।

फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण प्रदर्शनकारियों में असंतोष बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या किसानों को उनका बकाया भुगतान मिल पाता है या नहीं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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