जयपुर में बसों की सघन जांच: नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई, कई लग्जरी बसें सीज
प्रदेश में बढ़ रही बस अग्निकांड की घटनाओं के बाद आज जजों ने सड़क पर उतरकर लग्जरी बसों का निरीक्षण किया और खामियां मिलने पर उनके चालान करते हुए उन्हें सीज करने की कार्रवाई भी की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हाल के दिनों में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और न्यायपालिका ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर द्वितीय की सचिव और जज पल्लव ने सड़कों पर उतरकर लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी सामने आई, जिसके बाद कई बसों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई।
नियमों के उल्लंघन का खुलासा
निरीक्षण के दौरान कुल नौ लग्जरी बसों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां पाई गईं। सबसे चौंकाने वाला मामला एक ऐसी बस का था, जो मध्य प्रदेश में पंजीकृत थी, लेकिन उस पर राजस्थान की नंबर प्लेट लगी हुई थी। यह न केवल परिवहन नियमों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जांच दल ने इस विसंगति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा, बसों में सुरक्षा के लिए अनिवार्य इमरजेंसी गेट पूरी तरह से बंद पाए गए। कई बसों में यात्रियों की क्षमता से अधिक सीटें लगाकर नियमों को ताक पर रखा गया था। आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए बने गेटों को बंद करना और सीटों का अवैध विस्तार करना सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन माना गया है।
सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सख्त
जज पल्लव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान खामियां मिलने पर संबंधित बसों के चालान काटे गए और कई बसों को सीज करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, बसों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनके रखरखाव की भी जांच की जा रही है। हालिया घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि बसों में तकनीकी खामियां और सुरक्षा उपकरणों का अभाव यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब नियमित अंतराल पर ऐसी चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
इस औचक निरीक्षण ने बस ऑपरेटरों में हड़कंप मचा दिया है। कई बस ऑपरेटरों ने नियमों को दरकिनार कर अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया था। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सड़क पर चलने वाले हर सार्वजनिक वाहन को सुरक्षा के कड़े मानकों से गुजरना होगा। यात्रियों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए इसे समय की मांग बताया है।
आने वाले दिनों में परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि राज्य भर में चलने वाली सभी लग्जरी और निजी बसों की गहन जांच हो सके। जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उनके परमिट रद्द करने की दिशा में भी विचार किया जा सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता अब सड़कों पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!