अभियान बसेरा: 15 अगस्त तक वासविहीन परिवारों को जमीन देने का अल्टीमेटम
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व विभाग की विभिन्न योजनाओं और लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाले सभी राजस्व कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्व कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं: सचिव जय सिंह
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और लंबित राजस्व कार्यों की समीक्षा करना था। सचिव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान सचिव ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
15 अगस्त तक वासविहीन परिवारों को पक्का लक्ष्य
विभाग की महत्वाकांक्षी 'अभियान बसेरा' योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने 15 अगस्त 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस तिथि तक राज्य के सभी पात्र वासविहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसमें लाभार्थियों की पहचान से लेकर भूमि अभिलेखों का सत्यापन और प्रमाण-पत्र वितरण तक की सभी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
सचिव ने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी पात्र परिवार को योजना के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने भूमि बंदोबस्ती की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर जमीन का मालिकाना हक मिल सके।
स्थानांतरित अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश
प्रशासनिक फेरबदल के तहत हाल ही में स्थानांतरित किए गए अंचल अधिकारियों और सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों के संबंध में भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 9 जुलाई तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जुलाई महीने का वेतन नए पदस्थापन वाले स्थान से ही जारी किया जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है ताकि स्थानांतरण के कारण किसी भी स्तर पर कामकाज प्रभावित न हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के अपने प्रभार का हस्तांतरण सुनिश्चित करें।
तकनीकी सुधार और ऑनलाइन सुनवाई की तैयारी
राजस्व महा-अभियान के तहत लंबित आवेदनों के निपटारे को प्राथमिकता देने के साथ-साथ, आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। सचिव ने सभी जिलों को तकनीकी संसाधन, उपकरण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था जल्द पूरी करने को कहा है।
बैठक के समापन पर सचिव ने सभी अपर समाहर्ताओं को व्यक्तिगत जवाबदेही के साथ कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रशासनिक सुधारों से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता आएगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!