बीमा क्लेम में देरी ने बदल दी चुनाव की तस्वीर, पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
Haryana ex-minister JP Dalal blames compensation delay for election loss. Haryana ke purv mantri JP dalal ne kaha ki paisa rokkar mere chunav ko kharab kiya gaya aur main 700 vote se haar gaya. Main koshish karunga ki iski bhi jaanch karwaunga ki ye gadbad kisne ki.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने भिवानी में एक बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया है कि बीमा क्लेम की राशि समय पर न मिलने के कारण उन्हें विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि लगभग 250 करोड़ रुपये का बीमा मुआवजा जानबूझकर रोका गया, जिससे उनके चुनावी नतीजों पर सीधा असर पड़ा और वे महज 700 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए।
साजिश के तहत रोका गया किसानों का पैसा
अपने आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि 2023 की खरीफ और रबी फसलों का बीमा क्लेम लंबे समय से विवादों में था। कुल 350 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी, जिसमें से केवल 100 करोड़ रुपये ही जारी किए गए थे। शेष 250 करोड़ रुपये को कंपनी ने हाई कोर्ट में मामला ले जाकर रोक दिया था। दलाल ने आरोप लगाया कि इस देरी के पीछे किसी अधिकारी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति का गहरा षड्यंत्र है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि यह राशि चुनाव से पहले किसानों के खातों में पहुंच जाती, तो चुनावी समीकरण बिल्कुल अलग होते। उनके अनुसार, मुआवजे का भुगतान न होने से किसानों में नाराजगी थी, जिसका सीधा नुकसान उन्हें उठाना पड़ा। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि आखिर किसने और किस मंशा से इस प्रक्रिया में बाधा डाली।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से बनी बात
जेपी दलाल ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष बात रखी थी। जब मुख्यमंत्री सिवानी के दौरे पर थे, तब उन्होंने स्पष्ट किया था कि बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज किए बिना पैसा मिलना मुश्किल है। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने और सरकार के दबाव के बाद ही बीमा कंपनी ने हाई कोर्ट से अपना केस वापस लेने का निर्णय लिया।
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब रास्ता साफ हो गया है। कंपनी द्वारा केस वापस लेने के बाद, अगले 7 से 10 दिनों के भीतर किसानों के खातों में बकाया 250 करोड़ रुपये की राशि पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इस राशि के मिलने से लोहारू हलके के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे समृद्ध होंगे।
चुनाव परिणाम पर पड़ा सीधा असर
दलाल ने अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए कहा कि 700 वोटों का अंतर बहुत कम होता है। यदि 350 करोड़ रुपये का मुआवजा समय पर किसानों को मिल जाता, तो निश्चित रूप से उन्हें और अधिक समर्थन मिलता। उन्होंने दोहराया कि यह महज एक प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जिसके तहत मुआवजे को रोककर उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अंत में, पूर्व मंत्री ने कहा कि वे इस मामले में दोषियों की पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा लिए गए गलत फैसलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी किसान को अपने हक के पैसे के लिए इस तरह के संघर्ष का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
