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दिल्ली विश्वविद्यालय प्रवेश: मिरांडा हाउस ओपन हाउस संपन्न, प्रेफरेंस भरने के लिए छात्रों को विशेष निर्देश

DU admission 2026: Miranda House advises students on CSAS preference change. दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के बीच मिरांडा हाउस में आयोजित तीन दिवसीय ओपन हाउस (फेज-2) का बुधवार को समापन हो गया। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा और बर्सर डॉ. नंदिनी दत्ता ने विद्यार्थियों को प्रेफरेंस शीट भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 634
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रवेश: मिरांडा हाउस ओपन हाउस संपन्न, प्रेफरेंस भरने के लिए छात्रों को विशेष निर्देश
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मिरांडा हाउस में तीन दिवसीय ओपन हाउस का समापन

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया के तहत मिरांडा हाउस में आयोजित तीन दिवसीय ओपन हाउस सत्र का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) की जटिलताओं को समझने और प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद करना था। अंतिम दिन भारी बारिश के बावजूद करीब 150 छात्राएं और उनके अभिभावक कॉलेज परिसर में पहुंचे और प्रवेश संबंधी अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की प्राचार्या प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा और बर्सर डॉ. नंदिनी दत्ता ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि प्रेफरेंस शीट भरते समय जल्दबाजी करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए छात्रों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

तकनीकी सावधानी और प्रेफरेंस लॉक की प्रक्रिया

विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने आवेदन फॉर्म को मोबाइल फोन के बजाय लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर पर भरें। छोटी स्क्रीन पर विकल्पों को देखने में तकनीकी त्रुटि की संभावना बनी रहती है, जबकि बड़े स्क्रीन पर सभी विकल्प स्पष्ट दिखाई देते हैं। इससे गलतियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है।

प्रवेश प्रक्रिया की समय-सीमा के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि छात्र 11 जुलाई की रात 11:59 बजे तक अपनी प्रेफरेंस सूची में जितनी बार चाहें बदलाव कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद, सिस्टम में अंतिम बार सेव की गई सूची स्वतः ही 'ऑटो लॉक' हो जाएगी। इसी लॉक की गई सूची के आधार पर आगे की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

करियर लक्ष्यों के अनुरूप विषयों का चयन

ओपन हाउस के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में स्पोर्ट्स ट्रायल, ईसीए (ECA) कोटा, जूलॉजी सहित विभिन्न विषयों के संयोजन और पात्रता संबंधी सवालों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रवेश बुलेटिन का गहन अध्ययन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विषयों का चयन करते समय छात्रों को अपनी रुचि और भविष्य के करियर लक्ष्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा ने कहा कि मिरांडा हाउस का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी और अभिभावक को प्रवेश प्रक्रिया की सटीक और समयबद्ध जानकारी मिले। इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति कम होती है और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय ले पाते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया में आगे क्या?

वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया अपने दूसरे चरण में है। ओपन हाउस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि दूर-दराज से आने वाले छात्र भी डिजिटल प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें। अब छात्रों की नजरें 11 जुलाई की अंतिम समय-सीमा पर टिकी हैं, जिसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा सीट आवंटन की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और अपनी प्रेफरेंस सूची को समय रहते अंतिम रूप दें। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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