गोरखपुर: शिक्षकों को कैशलेस इलाज का तोहफा, छात्रों के खाते में पहुंचे 1200 रुपये
शिक्षकों को कैशलेस इलाज, छात्रों को 1200 रुपये मिले। प्रदेश सरकार की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरखपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ अब शिक्षकों और विद्यार्थियों को मिलना शुरू हो गया है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' और विद्यार्थियों के लिए 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (डीबीटी) के माध्यम से सहायता राशि का वितरण एक साथ किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना और परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का एक मजबूत कवच दिया जा रहा है। गोरखपुर के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि इस योजना के लागू होने से शिक्षकों को अब इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य बिना किसी नकद भुगतान के अपना उपचार करा सकेंगे। यह कदम शिक्षकों के सामाजिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षक समाज के निर्माता हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देना सरकार का दायित्व है। कैशलेस सुविधा मिलने से अब शिक्षक बिना किसी आर्थिक दबाव के बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनके कार्य करने की क्षमता और मनोबल में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।
छात्रों के खातों में पहुंची 1200 रुपये की सहायता
शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए डीबीटी के माध्यम से 1200-1200 रुपये की राशि उनके अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की है। प्रदेश भर के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को इस योजना का सीधा लाभ मिला है, जिसमें गोरखपुर के छात्र भी शामिल हैं। यह राशि सीधे बैंक खातों में आने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
इस धनराशि का उपयोग छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करेंगे। इसमें दो सेट यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी का सामान शामिल है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस सहायता से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा और बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए जरूरी सामग्री समय पर मिल सकेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का विशेष फोकस
प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा देकर उन्हें निश्चिंत किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए संसाधन देकर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं का समन्वित प्रभाव गोरखपुर सहित पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गोरखपुर में भी किया गया, जिसमें जिले के जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षणिक अनुभव में सुधार होगा और कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!