दिल्ली: प्राइमरी शिक्षक भर्ती परिणाम के लिए सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, DSSSB मुख्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन
Delhi DSSSB protest for primary teacher recruitment result. नई दिल्ली। प्राइमरी शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम में हो रही देरी को लेकर बुधवार को दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) के कड़कड़डूमा स्थित मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद उम्मीदवार कई घंटे तक मुख्य द्वार के सामने डटे रहे और जल्द परिणाम घोषित करने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) के कड़कड़डूमा स्थित मुख्यालय के बाहर बुधवार को भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन प्राइमरी शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम में हो रही अत्यधिक देरी के विरोध में आयोजित किया गया था। कड़ाके की बारिश के बावजूद, सैकड़ों की संख्या में उम्मीदवार घंटों तक बोर्ड के मुख्य द्वार के सामने डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
भविष्य को लेकर चिंतित हैं अभ्यर्थी
प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का मुख्य तर्क यह है कि सहायक शिक्षक (प्राइमरी) पद के लिए आयोजित की गई परीक्षा काफी समय पहले संपन्न हो चुकी है, लेकिन बोर्ड द्वारा अभी तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण हजारों युवाओं का करियर अधर में लटका हुआ है। कई उम्मीदवारों ने बताया कि वे लंबे समय से इस भर्ती के भरोसे बैठे हैं और देरी के कारण उनकी अन्य करियर योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों से स्पष्ट जवाब की मांग की है कि आखिर परिणाम जारी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है और कब तक अंतिम सूची जारी की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा असर
अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे को केवल अपने रोजगार तक सीमित न रखते हुए इसे दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों पर समय रहते नियुक्तियां न होने से स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली सरकार से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका तर्क है कि यदि समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए, तो न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन बोर्ड के समक्ष रखने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक परिणाम घोषित करने की कोई ठोस समय-सीमा नहीं दी जाती, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। बोर्ड की ओर से फिलहाल इस प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
आने वाले दिनों में यदि बोर्ड की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है, तो अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। फिलहाल, दिल्ली के शिक्षा जगत में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और हजारों परिवारों की निगाहें अब DSSSB के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
