देवरिया हत्याकांड: 7 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला, 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा
देवरिया में सात साल पुराने हत्या के मामले में शुक्रवार को अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सात साल पुराने मामले में न्याय की जीत
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सात साल पुराने एक चर्चित हत्याकांड मामले में अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत ने इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिससे न्याय प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरा हुआ है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का बारीकी से अवलोकन किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितेश कुमार पांडेय ने बताया कि यह मामला वर्ष 2019 का है, जिसने क्षेत्र में काफी सनसनी फैला दी थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब पीड़ितों को न्याय मिला है।
क्या थी घटना की पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 3 मार्च 2019 की सुबह करीब 11:30 बजे की है। एकौना थाना क्षेत्र के बकरुआ बेलवा निवासी रमायन यादव अपनी मोटरसाइकिल से गोरखपुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे प्रमोद कुमार यादव, विजय यादव और महेश यादव ने उन्हें रोक लिया और उनसे रुपयों की मांग की। जब रमायन यादव ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने आपा खो दिया और कट्टे से उन पर गोली चला दी।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रमायन यादव को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी नेहा यादव ने एकौना थाने में नामजद तहरीर दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत का कड़ा रुख और सजा
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद कुमार यादव की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद किया था। इस बरामदगी के बाद प्रमोद के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत भी अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने हत्या के मामले में प्रमोद कुमार यादव, विजय यादव और महेश यादव को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त, प्रमोद कुमार यादव को आयुध अधिनियम के तहत भी दोषी करार दिया गया है। इस मामले में उसे दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत के इस फैसले से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और पीड़ितों के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही ने मामले को पुख्ता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अपराध की प्रकृति जघन्य है, जिसके लिए कठोर सजा आवश्यक है। यह फैसला उन अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास करते हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!