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दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर अब दान कर सकेंगे पुराने कपड़े, सरकार ने शुरू की नई पहल

Delhi Metro old clothes donation project launch by CM Rekha Gupta. राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। दिल्ली सचिवालय में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पुराने कपड़ों के दान और उनके पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए एक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 586
दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर अब दान कर सकेंगे पुराने कपड़े, सरकार ने शुरू की नई पहल
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राजधानी दिल्ली को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में पुराने कपड़ों के दान और उनके पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को लेकर एक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य शहर में बढ़ते कपड़ा कचरे को नियंत्रित करना और उसे उपयोगी बनाना है।

10 मेट्रो स्टेशनों पर बनेंगे अर्पण दान केंद्र

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार ने कई संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इसमें दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), DLWO, SULM, ReSpun और क्लोथ्स बॉक्स फाउंडेशन जैसे संगठन शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि योजना के पहले चरण में दिल्ली के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को चुना गया है, जहां 'अर्पण दान केंद्र' स्थापित किए जाएंगे।

इन केंद्रों के माध्यम से आम नागरिक अपने घरों में रखे पुराने या अनुपयोगी कपड़ों को आसानी से दान कर सकेंगे। मेट्रो स्टेशनों पर इन केंद्रों की उपलब्धता के कारण लोगों के लिए दान प्रक्रिया बेहद सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल न केवल शहर की स्वच्छता में योगदान देगी, बल्कि उन कपड़ों को भी नया जीवन प्रदान करेगी जिन्हें अक्सर कचरे के रूप में फेंक दिया जाता है।

पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के अवसर

इस परियोजना के दूरगामी परिणाम पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों पर सकारात्मक रूप से पड़ेंगे। दान किए गए कपड़ों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से रीसायकल और अपसाइकिल किया जाएगा। इससे लैंडफिल साइटों पर कचरे का बोझ कम होगा, जो वर्तमान में दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कपड़ा कचरे के सही प्रबंधन से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में भी मदद मिलेगी।

इस पहल का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं का सशक्तिकरण है। कपड़ों की रीसाइक्लिंग और अपसाइकिलिंग की पूरी प्रक्रिया में दिल्ली की महिलाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें आजीविका के नए साधन और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी।

भविष्य की योजनाएं

सरकार का मानना है कि यह मॉडल यदि सफल रहता है, तो इसे आने वाले समय में अन्य मेट्रो स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य दिल्ली को एक 'ग्रीन सिटी' के रूप में विकसित करना है, जहां कचरे का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से हो सके। फिलहाल, संबंधित विभागों को स्टेशनों पर दान केंद्रों के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जल्द से जल्द आम जनता इस सुविधा का लाभ उठा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि कपड़ा उद्योग से होने वाला प्रदूषण वैश्विक स्तर पर एक बड़ी समस्या है। ऐसे में दिल्ली सरकार का यह कदम स्थानीय स्तर पर एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि नागरिक इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, तो यह न केवल कचरा कम करने में सहायक होगा, बल्कि जरूरतमंदों तक भी संसाधन पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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