दरभंगा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, डीएमसीएच और निगम कार्यालय परिसर में भरा पानी
Darbhanga city faces severe waterlogging after two days of continuous rain. दरभंगा में पिछले 2 दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिससे शहर के कई इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के दरभंगा शहर में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख सरकारी परिसरों में भरा बारिश का पानी
बारिश का असर शहर के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और संस्थानों पर भी साफ देखा जा सकता है। दरभंगा नगर निगम कार्यालय परिसर और डीएमसीएच (DMCH) कॉलेज कैंपस में पानी भर जाने से कामकाज और आवाजाही बाधित हुई है। इन परिसरों में जलजमाव होने से मरीजों और कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है।
शहर के अन्य प्रभावित इलाकों में उर्दू बाजार रोड, दारू भट्टी चौक के आसपास का क्षेत्र, लक्ष्मीसागर मोहल्ला, सदर प्रखंड कार्यालय जाने वाली सड़क और दिलावरपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों का निकलना दूभर हो गया है और वाहन रेंगते हुए गुजर रहे हैं।
नगर निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
मानसून की शुरुआत के साथ ही जलजमाव की स्थिति ने नगर निगम प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। अबु बकर नामक स्थानीय निवासी ने बताया कि थोड़ी सी बारिश ने ही निगम के दावों को खोखला साबित कर दिया है।
लोगों का मानना है कि यदि मानसून के शुरुआती दौर में ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे आम लोग डरे हुए हैं।
स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्र के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दारू भट्टी चौक जैसी नीची सड़कों को ऊंचा किया जाए और जल निकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण सुनिश्चित हो। मोहम्मद राजा ने कहा कि सड़क के दोनों किनारों पर पक्की नाली होने से पानी का बहाव सुगम हो सकेगा और जलजमाव से मुक्ति मिल पाएगी।
शहरवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यह समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर स्थायी समाधान के लिए कोई काम नहीं हुआ है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क और नाला निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो पूरे मानसून के दौरान उन्हें इसी तरह की नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल, बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित राहत कार्य और जल निकासी के लिए पंप सेट लगाने की मांग कर रहे हैं ताकि सड़कों पर जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
