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बैतूल में गहराया जल संकट: पांच दिनों से नलों में नहीं आया पानी, पार्षदों ने सीएमओ को घेरा

Betul water crisis deepens, residents and councillors protest. बैतूल जिला मुख्यालय के कई वार्डों में पिछले पांच से छह दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है। कई इलाकों में नलों से पानी नहीं पहुंचा, जबकि जहां जलापूर्ति हुई वहां गंदा पानी आने की शिकायतें सामने आईं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.2K
बैतूल में गहराया जल संकट: पांच दिनों से नलों में नहीं आया पानी, पार्षदों ने सीएमओ को घेरा
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मध्य प्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय पर इन दिनों भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। शहर के विभिन्न वार्डों में पिछले पांच से छह दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में तो नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची, जबकि कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति हुई भी तो वहां से गंदा पानी आने की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं।

पार्षदों का आक्रोश और नगर पालिका का घेराव

लगातार कई दिनों से पानी के लिए जूझ रहे रहवासियों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। आक्रोशित पार्षदों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) का घेराव किया। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अनियमित जलापूर्ति के कारण लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि दूषित पानी की आपूर्ति से शहर में स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं, जिसके लिए नगर पालिका जिम्मेदार होगी।

पार्षदों ने मांग की है कि सभी प्रभावित वार्डों में तत्काल प्रभाव से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने शहर की मुख्य पाइपलाइनों की गहन जांच की भी मांग उठाई है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।

पाइपलाइन लीकेज बनी मुख्य वजह

इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि कॉलेज चौक क्षेत्र में मुख्य पेयजल पाइपलाइन में गंभीर लीकेज हो गया था। इस तकनीकी खराबी को ठीक करने में लगभग 48 घंटे का लंबा समय लगा, जिसके चलते शहर के कई वार्डों में पानी की सप्लाई बुरी तरह बाधित रही। उन्होंने स्वीकार किया कि मरम्मत कार्य के दौरान जलापूर्ति का चक्र बिगड़ गया था।

सीएमओ ने बताया कि तकनीकी खराबी को अब दूर कर लिया गया है और मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सभी वार्डों में जल्द से जल्द पानी पहुंच सके।

जल्द राहत मिलने का आश्वासन

नगर पालिका प्रशासन ने दावा किया है कि बुधवार शाम से प्रभावित वार्डों में जलापूर्ति को पूरी तरह से सुचारू कर दिया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि यदि किसी भी क्षेत्र से गंदे पानी की शिकायत प्राप्त होती है, तो तुरंत उसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और इस संकट की घड़ी में सहयोग करने की अपील की है।

बैतूल की जनता अब नगर पालिका के इस आश्वासन पर टिकी है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि तकनीकी बाधाओं को हटा दिया गया है और आने वाले कुछ घंटों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ जाएगी। हालांकि, स्थानीय निवासियों की नजर अब इस बात पर है कि क्या वास्तव में शाम तक उनके नलों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल हो पाती है या उन्हें और अधिक दिनों तक पानी के लिए भटकना पड़ेगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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