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बाड़मेर: विधायक के बेटे और बहू ने जन्मदिन पर लिया देहदान का संकल्प, मेडिकल छात्रों के काम आएगा शरीर

Barmer MLA family pledges body donation on birthday. बाड़मेर में विधायक के पुत्र और पुत्रवधु ने अपने जन्मदिन पर आज देहदान की घोषणा की है। दोनों ने मेडिकल कॉलेज के जिला हॉस्पिटल पहुंचकर देहदान करने के साथ जन्मदिन पर केक भी काटा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 916
बाड़मेर: विधायक के बेटे और बहू ने जन्मदिन पर लिया देहदान का संकल्प, मेडिकल छात्रों के काम आएगा शरीर
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जन्मदिन पर अनूठी पहल: देहदान का लिया संकल्प

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला है। चौहटन से विधायक आदूराम मेघवाल के बेटे भवानी शंकर और उनकी पत्नी श्रीदेवी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर देहदान करने की घोषणा की है। यह निर्णय उन्होंने बाड़मेर जिला अस्पताल पहुंचकर लिया, जहां उन्होंने न केवल देहदान के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, बल्कि सादगी के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया।

भवानी शंकर, जो एक व्यवसायी हैं और पेट्रोल पंप का संचालन करते हैं, तथा उनकी पत्नी श्रीदेवी, जो चौहटन के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, ने 15 जुलाई को अपने जन्मदिन के मौके पर यह बड़ा फैसला लिया। इस दौरान उनके साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे। अस्पताल के पीएमओ कार्यालय में उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति में देहदान की प्रक्रिया पूरी की।

प्रेरणा और उद्देश्य: मृत्यु के बाद भी सेवा का भाव

इस नेक काम के पीछे की प्रेरणा के बारे में बताते हुए श्रीदेवी ने कहा कि उन्हें यह विचार अपने माता-पिता से मिला। वे स्वयं भी देहदान के बारे में चर्चा करते थे। श्रीदेवी ने बताया कि वे पिछले साल ही यह संकल्प लेना चाहती थीं, लेकिन जयपुर में होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। इस बार उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर जन्मदिन पर इसे पूरा करने का निर्णय लिया।

दंपति का मानना है कि मृत्यु के बाद शरीर का मिट्टी में मिल जाना निश्चित है, लेकिन यदि वही शरीर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्रों के काम आ सके, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। उनका यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश देने वाला है, जहां लोग अब मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करने के बारे में सोच रहे हैं।

चिकित्सा शिक्षा में मिलेगी मदद

बाड़मेर जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. हनुमान राम चौधरी ने इस पहल की सराहना की है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए देहदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि शोध कार्यों में भी काफी मदद मिलती है। भविष्य में डॉक्टरों के प्रशिक्षण के माध्यम से यह कदम कई जिंदगियां बचाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

आंकड़ों के अनुसार, बाड़मेर जिले में अब तक 129 लोगों ने देहदान करने का संकल्प लिया है। स्थानीय स्तर पर लोगों में बढ़ती यह जागरूकता समाज के लिए एक सुखद संकेत है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि देहदान के प्रति लोगों की यह बढ़ती रुचि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी।

समाज के लिए प्रेरणा

विधायक के परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम की स्थानीय स्तर पर खूब चर्चा हो रही है। भवानी शंकर ने कहा कि उनकी पत्नी की प्रेरणा से ही उन्होंने इस निर्णय को अंतिम रूप दिया। अस्पताल में मौजूद डॉ. बीएल मंसूरिया और अन्य चिकित्सा स्टाफ ने भी दंपति के इस जज्बे की प्रशंसा की। यह घटना दिखाती है कि कैसे शिक्षित और जागरूक नागरिक समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आ रहे हैं।

इस प्रकार के निर्णय न केवल चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देते हैं, बल्कि मृत्यु के बाद भी शरीर को उपयोगी बनाने की एक नई सोच को भी बढ़ावा देते हैं। बाड़मेर के लोगों के लिए यह एक ऐसा उदाहरण है जो उन्हें भी समाज सेवा के इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर सकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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