अलवर: 95 लाख की लागत से बन रहा नाला दूसरी बार ढहा, घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
Alwar drain construction scam. 95 lakh project collapses again. अलवर शहर में तिजारा फाटक के पास शिव कॉलोनी में चल रहा नाली निर्माण कार्य एक बार फिर धराशायी हो गया। 95 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस नाले का एक बड़ा हिस्सा दूसरी बार ढह गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के अलवर शहर में तिजारा फाटक के पास शिव कॉलोनी में चल रहा नाली निर्माण कार्य एक बार फिर विवादों में है। करीब 95 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस नाली का एक बड़ा हिस्सा दूसरी बार ढह गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच लोगों ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग करार दिया है।
निर्माण में मानकों की अनदेखी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य में तकनीकी मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। कॉलोनी के निवासियों के अनुसार, नाली के निर्माण में मजबूत कंक्रीट और लोहे के सरियों का उपयोग किया जाना अनिवार्य था, लेकिन इसके विपरीत केवल ईंटों और रेत का इस्तेमाल किया गया। लोगों का कहना है कि मसाले में सीमेंट की मात्रा इतनी कम है कि दीवारें हाथ लगाने मात्र से ही झड़ने लगी हैं।
यह घटना पहली बार नहीं हुई है। करीब एक महीने पहले भी इसी नाली का एक हिस्सा ढह गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। बावजूद इसके, निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार करने के बजाय उसी पुरानी पद्धति को अपनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह संरचना फिर से धराशायी हो गई।
अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के आरोप
पूर्व पार्षद सोनू चौधरी ने इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदार को निगम के कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण घटिया निर्माण के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पूर्व पार्षद का कहना है कि इतनी बड़ी राशि के प्रोजेक्ट में इस स्तर की लापरवाही बिना मिलीभगत के संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जनता के टैक्स के पैसे को इस तरह पानी में बहाया जा रहा है। निर्माण कार्य में बरती जा रही इस लापरवाही के कारण अब तिजारा फाटक और शिव कॉलोनी के आसपास के निवासियों के लिए नई मुसीबतें खड़ी हो गई हैं।
जलभराव और स्वास्थ्य संकट का खतरा
नाले के बार-बार ढहने से क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। बारिश के मौसम में पानी की निकासी न होने के कारण स्थानीय लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी जमा होने से आसपास के इलाकों में बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है।
निवासियों को अब डर है कि यदि जल्द ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो बारिश का पानी उनके घरों में घुस सकता है। फिलहाल, इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय लोग अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की दोबारा समीक्षा की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
