अजमेर में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन: एनर्जी ड्रिंक बताकर बेची जा रही 10 हजार से ज्यादा बोतलें जब्त
UP Food Department action in Sedaria & Civil Lines. 10,434 bottles seized. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने सोमवार को सेदरिया और सिविल लाइंस में कार्रवाई करते हुए 10,434 कैफिनेटेड बेवरेज की बोतलें जब्त कीं। विभाग का कहना है कि इन उत्पादों को एनर्जी ड्रिंक के नाम से बेचा जा रहा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने मिलावटखोरी और भ्रामक प्रचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के सेदरिया और सिविल लाइंस इलाकों में विभाग की टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कैफिनेटेड बेवरेज की खेप पकड़ी है। इन बोतलों को बाजार में 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचा जा रहा था, जो कि खाद्य सुरक्षा मानकों के नियमों का उल्लंघन है।
दो प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी
विभाग को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ प्रतिष्ठान कैफिनेटेड पेय पदार्थों को एनर्जी ड्रिंक के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने सेदरिया स्थित मैसर्स मायाज एंटरप्राइजेज के गोदाम पर छापा मारा। यहां से विभाग ने बड़ी संख्या में कैफिनेटेड बेवरेज की 9,882 बोतलें जब्त कीं। जांच प्रक्रिया के तहत टीम ने यहां से तीन अलग-अलग नमूने लिए हैं जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है।
इसी क्रम में टीम ने सिविल लाइंस स्थित मैसर्स बजरंग टेलीकॉम पर भी दबिश दी। यहां से प्रिडेटर एनर्जी और मॉन्स्टर एनर्जी अल्ट्रा ब्रांड के पेय पदार्थों के नमूने लिए गए। इस स्थान से कुल 552 बोतलें जब्त की गई हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर विभाग ने 10,434 बोतलों को अपनी निगरानी में ले लिया है।
भ्रामक प्रचार पर सख्त नियम
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की हालिया गाइडलाइंस के अनुसार, कैफिनेटेड बेवरेज को 'एनर्जी ड्रिंक' के रूप में लेबल करना या उसका विज्ञापन करना पूरी तरह से वर्जित है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपभोक्ताओं को गुमराह करने जैसा है। नियमों के उल्लंघन के मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बोतलों की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। जब्त किए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। यदि रिपोर्ट में मानकों की कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम में शामिल अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई को खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में अंजाम दिया गया। टीम में आनंद कुमार, दीपक कुमार, अजय मोयल, केसरी नंदन शर्मा और राजेंद्र शर्मा जैसे अधिकारी शामिल रहे। विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आने वाले दिनों में विभाग द्वारा शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण किए जाने की संभावना है ताकि बाजार में बिक रहे खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी उत्पाद को खरीदते समय उसके लेबल और सामग्री की जांच अवश्य करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
संबंधित खबरें
हिसार: नवजात की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्ट
पंचकूला में 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ का इनाम, मुख्यमंत्री बोले- तकनीक से ऊपर है जुनून

