विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026-27: मऊ के कारीगरों के लिए कौशल विकास का सुनहरा मौका, 15 जुलाई तक करें आवेदन
Mau artisans get free training under Vishwakarma Shram Samman Yojana 2026-27. Application deadline July 15. आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे तक निर्धारित की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मऊ के पारंपरिक कारीगरों के लिए कौशल उन्नयन का अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' के तहत वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मऊ जिले के पारंपरिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके कौशल को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
इस योजना के अंतर्गत बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, हलवाई, टोकरी बुनकर, मोची, धोबी और राजमिस्त्री जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य इन कारीगरों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार अपने काम को और अधिक प्रभावी बना सकें।
आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। सभी इच्छुक आवेदकों को शाम 5:00 बजे तक अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल www.msme.updc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।
उपायुक्त उद्योग हरेंद्र प्रताप ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। एक परिवार से केवल एक सदस्य ही इस योजना के लिए आवेदन करने हेतु पात्र माना जाएगा।
प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट का लाभ
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रतिभागियों को मानदेय भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके। प्रशिक्षण पूरा होने के उपरांत, सरकार द्वारा लाभार्थियों को उनके संबंधित व्यवसाय के अनुरूप आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी, जो उनके दैनिक कार्य को आसान और उत्पादक बनाएगी।
यह योजना न केवल कौशल विकास पर केंद्रित है, बल्कि यह स्वरोजगार को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम भी है। आधुनिक उपकरणों के उपयोग से कारीगरों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिससे उनकी आय के स्रोतों में भी सुधार होने की संभावना है।
पात्रता संबंधी महत्वपूर्ण शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदक को किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या सरकारी वित्तीय संस्थान का ऋण चूककर्ता (डिफॉल्टर) नहीं होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किसी सरकारी ऋण योजना में चूककर्ता पाया जाता है, तो वह इस योजना के लिए अपात्र होगा।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, मऊ ने सभी पात्र कारीगरों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए आवेदक कार्य दिवसों के दौरान जिला उद्योग केंद्र कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
