नालंदा में औद्योगिक विकास को नई उड़ान: नीतीश कुमार ने शांतामणि पेपर मिल्स की दूसरी इकाई का किया शुभारंभ
Bihar industrial development boost as Nitish Kumar inaugurates Shantmani Paper Mills Unit 2. पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने नूरसराय प्रखंड के डोईया स्थित शांतामणि पेपर मिल्स पहुंचकर इसकी दूसरी उत्पादन इकाई (पेपर यूनिट 2) का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के ग्रामीण विकास एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार और जदयू महासचिव ई. सुनील कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नालंदा में औद्योगिक विस्तार की नई शुरुआत
बिहार के नालंदा जिले में औद्योगिक गतिविधियों को एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। नूरसराय प्रखंड के डोईया इलाके में स्थित शांतामणि पेपर मिल्स की दूसरी उत्पादन इकाई का भव्य उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर राज्य के ग्रामीण विकास एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार और जदयू के महासचिव ई. सुनील कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
इस नई इकाई के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
परिसर का निरीक्षण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन पर नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। उद्घाटन की रस्म पूरी करने के बाद, नीतीश कुमार ने पेपर मिल के परिसर का करीब 10 मिनट तक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मिल की अत्याधुनिक कार्यप्रणाली और उत्पादन प्रक्रियाओं को करीब से देखा और वहां मौजूद प्रबंधन से जानकारी साझा की। निरीक्षण के बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक प्रोत्साहन का संकेत है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया था।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
शांतामणि पेपर मिल्स की यह सफलता एक लंबी यात्रा का परिणाम है। मिल के मालिक अनिल कुमार के प्रयासों से 1990 में एक छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह संस्थान आज राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में गिना जाता है। वर्तमान में यह मिल 300 से अधिक परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार बनी हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक स्थिरता आई है।
नई इकाई के जुड़ने से न केवल मिल की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि यह ऊर्जा दक्षता के मामले में भी एक आधुनिक मानक स्थापित करेगी। 'डबल वायर तकनीक' का उपयोग इसे पैकेजिंग उद्योग में एक प्रतिस्पर्धी इकाई के रूप में मजबूती प्रदान करता है।
भविष्य की संभावनाएं और औद्योगिक गौरव
नालंदा जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में इस तरह की औद्योगिक इकाइयों का विस्तार राज्य सरकार की औद्योगिक नीति के लिए एक सकारात्मक संदेश है। मिल प्रबंधन का मानना है कि यह संस्थान न केवल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बनेगा। स्थानीय स्तर पर कौशल विकास और रोजगार सृजन के माध्यम से यह मिल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में सक्षम है।
आने वाले समय में इस इकाई के पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करने पर क्षेत्र के अन्य छोटे उद्योगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। बिहार में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बीच शांतामणि पेपर मिल्स का यह विस्तार एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
