सोनीपत: राई औद्योगिक क्षेत्र में तीन फैक्ट्रियों में लगी भीषण आग, केमिकल ड्रमों में धमाकों से दहला इलाका
Sonipat HSIIDC Rai Phase-1 industrial area incident. 40 fire brigade personnel engaged in extinguishing efforts, causing significant damage.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के सोनीपत स्थित एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) राई फेस-1 औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक भीषण अग्निकांड हुआ। गैस लाइटर बनाने वाली एक फैक्ट्री से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की दो अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार आसमान में छा गया।
केमिकल ड्रमों में धमाकों से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद फैक्ट्रियों के भीतर रखे केमिकल से भरे ड्रमों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। इन धमाकों ने आग को और अधिक भड़का दिया, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।
गनीमत यह रही कि आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्ट्रियों में मौजूद सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, फैक्ट्रियों में रखा लाखों रुपये का कच्चा माल, तैयार उत्पाद और मशीनरी जलकर पूरी तरह राख हो गई है।
दमकल की 12 से अधिक गाड़ियां जुटीं बचाव कार्य में
आग की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग हरकत में आ गया। सोनीपत के अलावा पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ से दमकल की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। करीब 40 से 45 दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटे रहे। देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पाने की कोशिशें जारी थीं।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सुभाष चंद्र ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित इकाइयों में एक गैस लाइटर फैक्ट्री, एक प्लाईवुड फैक्ट्री और एक प्लास्टिक पैकिंग मैटेरियल बनाने वाली फैक्ट्री शामिल है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता आग को फैलने से रोकना और उसे पूरी तरह बुझाना है।
अवैध निर्माण बना बुझाव कार्य में बाधा
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि आग बुझाने के दौरान उन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्रियों के भीतर किए गए अवैध निर्माण और संकरे रास्तों के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियां घटनास्थल तक आसानी से नहीं पहुंच पा रही हैं। इस बाधा के कारण राहत कार्य की गति धीमी हो गई है, जिससे आग पर काबू पाने में अधिक समय लग रहा है।
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। तब तक के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई अनहोनी न हो। नुकसान का आकलन भी आग पूरी तरह शांत होने के बाद ही किया जा सकेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
