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सोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकम

Sonbhadra cyber fraud PNB fake link. सोनभद्र पुलिस ने साइबर ठगी के ₹1.70 लाख बचाए। फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नाम से प्रसारित एक फर्जी लिंक के झांसे में आकर व्यक्ति ने अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.2K
सोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकम
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में साइबर अपराधियों द्वारा की गई एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ओबरा क्षेत्र के एक निवासी को फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक के नाम से चल रहे एक फर्जी लिंक के जरिए निशाना बनाया गया। इस ठगी में पीड़ित के बैंक खाते से 1.70 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पीड़ित को बड़ी आर्थिक क्षति से बचा लिया।

फेसबुक विज्ञापन बना ठगी का जरिया

ओबरा मार्केट के रहने वाले दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि उन्हें फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक का बैलेंस चेक करने से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। बैंक खाता उसी बैंक में होने के कारण उन्होंने इसे आधिकारिक सेवा मानकर उस पर क्लिक कर दिया। लिंक पर मांगी गई जानकारी को भरते ही साइबर अपराधियों ने उनके इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल कर लिया और खाते से 1,70,000 रुपये उड़ा दिए।

जैसे ही पीड़ित को अपने खाते से पैसे कटने का पता चला, उन्होंने बिना देरी किए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। यह समय पर की गई शिकायत ही थी जिसने पुलिस को मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का मौका दिया।

पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने ओबरा थाना पुलिस और साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए। प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया और संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस की इस सक्रियता का परिणाम यह रहा कि ठगी गई कुल राशि में से 1,69,482.48 रुपये को होल्ड (फ्रीज) कर दिया गया।

कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, यह धनराशि वापस पीड़ित के खाते में स्थानांतरित कर दी गई। इस सफल ऑपरेशन में साइबर हेल्प डेस्क के कांस्टेबल पंकज कुमार की भूमिका भी सराहनीय रही। पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने एक बार फिर साबित किया कि साइबर अपराधों में शिकायत दर्ज कराने में देरी न करना ही धन वापसी की सबसे बड़ी कुंजी है।

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने इस घटना के बाद आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बैंक कभी भी फोन, ईमेल या सोशल मीडिया लिंक के माध्यम से ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना खतरनाक साबित हो सकता है।

एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवाईसी अपडेट, रिवॉर्ड पॉइंट या लोन के नाम पर आने वाले किसी भी लुभावने लिंक से बचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्ट करना चाहिए। समय पर दी गई सूचना ही पुलिस को अपराधियों के जाल को तोड़ने में मदद करती है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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