औरंगाबाद: चोरी की बाइक के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, झारखंड तक फैला है नेटवर्क
Aurangabad police bust interstate bike thief gang, recover stolen motorcycle. 3 arrested. परिजनों की सतर्कता से दबोचे गए आरोपी.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के औरंगाबाद जिले में अंबा थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है और गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और लंबे समय से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
परिजनों की सतर्कता से खुला मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब अंबा बाजार में चोरी हुई एक मोटरसाइकिल के मालिक के परिजनों ने अपनी बाइक को संदिग्ध अवस्था में देखा। कुछ दिन पहले अंबा-औरंगाबाद रोड स्थित मछली मार्केट के पास से विष्णु कुमार की बाइक चोरी हो गई थी, जिसकी प्राथमिकी अंबा थाने में दर्ज कराई गई थी। शुक्रवार को जब आरोपी उसी चोरी की बाइक को लेकर बाजार पहुंचे और एक होटल में गए, तो परिजनों ने वाहन की पहचान कर ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही अंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष राहुल राज के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों की पहचान माली थाना क्षेत्र के मिश्र बिगहा निवासी शिवशंकर कुमार और भरतौल निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है।
झारखंड तक पहुंची पुलिस की जांच
थाने में पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दिए। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार को झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित मसीहानी टोला में छापेमारी की। वहां से गिरोह के तीसरे सदस्य अफरोज आलम को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर बिहार और झारखंड के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
शराब तस्करी से जुड़ा हो सकता है कनेक्शन
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अंबा बाजार में सक्रिय बाइक चोर गिरोह का संबंध शराब तस्करों से भी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि चोरी की गई बाइकों को तस्करों को बहुत कम दामों में बेच दिया जाता है, जिनका उपयोग झारखंड से शराब की खेप लाने के लिए किया जाता है। अक्सर पुलिस की घेराबंदी देखकर तस्कर बाइक और शराब छोड़कर फरार हो जाते हैं, जिससे पुलिस के लिए मुख्य तस्करों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी केवल बाइक चोरी तक सीमित थे या फिर वे किसी बड़े शराब माफिया के लिए काम कर रहे थे। फिलहाल, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
