दतिया मंदिर चोरी कांड: राजस्थान से गिरफ्तार हुआ 10 हजार का इनामी पुजारी, लाखों के जेवर बरामद
दतिया के कमलापुरी गांव स्थित राम-जानकी मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दो महीने से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी पुजारी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दो महीने बाद पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
दतिया जिले के गोदन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमलापुरी गांव में स्थित राम-जानकी मंदिर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी और मंदिर के पुजारी को घटना के करीब दो महीने बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
घटना की शुरुआत 27 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब कमलापुरी निवासी 73 वर्षीय वीरन सिंह यादव ने गोदन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मंदिर में पूजा-पाठ करने वाला पुजारी कल्लू उर्फ कल्याणदास पवैया, जो मूल रूप से ग्वालियर जिले के गड़ाजर का रहने वाला है, मंदिर से कीमती सामान लेकर फरार हो गया है।
सोने के हार और चांदी के बर्तन लेकर हुआ था फरार
आरोपी पुजारी ने मंदिर में रखे भगवान श्रीराम और माता जानकी के सोने के हार, करीब 200 ग्राम वजनी चांदी का ग्लास और शिकायतकर्ता की प्लेटिना मोटरसाइकिल लेकर रफूचक्कर हो गया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की थी।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया और मुखबिरों का जाल बिछाया। लंबी मशक्कत के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी राजस्थान के भरतपुर जिले के निथार क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
ग्वालियर से बरामद हुए चोरी के आभूषण
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी किए गए सामान को कहां छिपाया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ग्वालियर से भगवान श्रीराम और माता जानकी के दोनों सोने के हार और चांदी का ग्लास बरामद कर लिया है। बरामद किए गए इन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने बरामदगी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि मंदिर से जुड़ी आस्था के प्रतीकों की चोरी से क्षेत्र में काफी आक्रोश था।
पुलिस की सतर्कता और जांच का परिणाम
इस पूरे मामले में दतिया पुलिस की तकनीकी जांच और अंतर्राज्यीय समन्वय महत्वपूर्ण साबित हुआ। राजस्थान से आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास किए। फिलहाल, पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने चोरी का सामान कहीं बेचने का प्रयास किया था या किसी अन्य व्यक्ति की इसमें संलिप्तता तो नहीं है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
