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सीकर: अवैध शराब की दो फैक्ट्रियों पर आबकारी विभाग का छापा, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए लगाई आग

Rajasthan Sikar Heervas illegal liquor factory busted by excise department. Accused set factory ablaze and fled. सीकर, नागौर आबकारी विभाग की टीम ने ज्वाइंट कार्रवाई करते हुए दांतारामगढ़ के हीरवास गांव में देशी शराब की अवैध फैक्ट्रियों पर छापा मारा। एक जगह तो आरोपी फैक्ट्री को ही आग लगाकर फरार हो गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 969
सीकर: अवैध शराब की दो फैक्ट्रियों पर आबकारी विभाग का छापा, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए लगाई आग
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राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र में आबकारी विभाग की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभाग की संयुक्त टीम ने हीरवास गांव में चल रही अवैध शराब की दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी के दौरान हड़कंप मच गया, जब एक स्थान पर मौजूद आरोपी साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से फैक्ट्री में आग लगाकर मौके से फरार हो गए।

गुप्त सूचना पर संयुक्त कार्रवाई

आबकारी विभाग को लंबे समय से हीरवास गांव में अवैध शराब के निर्माण और उसकी तस्करी की सूचना मिल रही थी। इनपुट के आधार पर सीकर और नागौर की आबकारी निरोधक टीमों ने एक संयुक्त अभियान चलाया। टीम को जानकारी मिली थी कि गांव के एक पोल्ट्री फार्म और एक रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से देशी शराब बनाने का काम चल रहा है।

छापेमारी के लिए सीकर आबकारी विभाग के ईओ रामसहाय जाट और पेट्रोलिंग ऑफिसर महेश मील के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। नागौर आबकारी टीम के सहयोग से जब अधिकारियों ने पोल्ट्री फार्म पर दबिश दी, तो वहां भारी मात्रा में स्प्रिट के ड्रम, खाली पव्वे, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई।

आरोपियों ने आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की

पोल्ट्री फार्म पर कार्रवाई के दौरान ही आरोपियों को विभाग की भनक लग गई। इसके बाद, रिहायशी मकान में टीनशेड के नीचे चल रही दूसरी अवैध फैक्ट्री के संचालकों ने पकड़े जाने के डर से वहां आग लगा दी। जब आबकारी टीम दूसरे ठिकाने पर पहुंची, तो वहां आग की लपटें उठ रही थीं। टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और वहां से भी स्प्रिट के ड्रम व अन्य अवैध सामग्री जब्त की।

इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि जिस क्षेत्र में इतनी बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा था, वहां पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह लापरवाही का बड़ा मामला माना जा रहा है, क्योंकि अवैध शराब की सप्लाई धड़ल्ले से जारी थी।

जांच और आगे की कार्रवाई

आबकारी विभाग ने मौके से बरामद सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये फैक्ट्रियां काफी समय से सक्रिय थीं और यहां से तैयार शराब को आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाता था।

विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े तस्कर जुड़े हैं। बरामद किए गए होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ये नकली शराब किसी ब्रांड के नाम पर बेची जा रही थी। फिलहाल, इलाके में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की भूमिका की भी उच्च स्तरीय समीक्षा की मांग उठ रही है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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