सागर: दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 20 जुलाई से विशेष शिविर, मिलेंगे निःशुल्क उपकरण
Sagar District free assistive devices camp 2026 for disabled and senior citizens. राष्ट्रीय वयोश्री योजना और एपिड योजना के तहत सागर जिले के दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 20 जुलाई से 4 अगस्त तक जिले के विकासखंडों व नगरीय निकायों में परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सागर जिले में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए राहत की खबर
सागर जिले में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक विशेष पहल की जा रही है। राष्ट्रीय वयोश्री योजना और एडीआईपी (ADIP) योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। इसके लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों और नगरीय निकायों में 20 जुलाई से 4 अगस्त तक विशेष परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पात्र व्यक्तियों की पहचान करना और उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार उन्हें उपकरण उपलब्ध कराना है। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के सहयोग से आयोजित होने वाले इन शिविरों में विशेषज्ञों की टीम हितग्राहियों का परीक्षण करेगी, ताकि उन्हें सही और उपयोगी उपकरण मिल सकें।
योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं
एडीआईपी योजना के तहत दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग, कैलीपर्स, ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर जैसे उपकरण प्रदान किए जाएंगे। वहीं, राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को छड़ी, बैसाखी, वॉकर, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कमर और घुटने के बेल्ट तथा गर्दन के कॉलर जैसे सहायक उपकरण दिए जाएंगे।
इन उपकरणों के वितरण के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। उदाहरण के तौर पर, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्राप्त करने के लिए आवेदक का 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग होना अनिवार्य है। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थी ने पिछले तीन वर्षों में किसी अन्य सरकारी स्रोत से समान उपकरण प्राप्त न किया हो।
आवश्यक दस्तावेज और पंजीकरण प्रक्रिया
शिविर में शामिल होने वाले दिव्यांगजनों को अपना 40 प्रतिशत या उससे अधिक का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड और आय प्रमाण-पत्र साथ लाना होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन का प्रमाण या निर्धारित आय सीमा का दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। इन दस्तावेजों के बिना पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इन शिविरों के सफल संचालन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों को शिविर तक लाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की तैयारी और निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिविर स्थलों पर हितग्राहियों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसमें पेयजल, बैठने की उचित व्यवस्था, व्हीलचेयर और पंजीयन काउंटर शामिल हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के दूरदराज के पात्र व्यक्ति भी इस योजना का लाभ उठा सकें।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांग या वरिष्ठ नागरिक सरकारी सहायता से वंचित न रहे। प्रशासन की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि परीक्षण के बाद जल्द से जल्द उपकरणों का वितरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे लाभार्थियों के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
