रतलाम: सहकारी संस्था में 74 लाख का बड़ा घोटाला, प्रबंधक और सहायक पर केस दर्ज
Ratlam cooperative society scam 74 lakh gaban report. जिला सहकारी बैंक व पुलिस की जांच के बाद पिपलौदा थाना पुलिस ने संस्था के प्रबंधक अशोक बाफना व सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शेरपुर सहकारी संस्था में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा
रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के अंतर्गत आने वाली शेरपुर प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस घोटाले में संस्था के प्रबंधक और सहायक प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिला सहकारी बैंक और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद पिपलौदा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला वर्ष 2017-18 से लेकर 2023-24 के बीच की अवधि का है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पिपलौदा शाखा के प्रबंधक ने इस संबंध में 6 मार्च 2026 को पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में बताया गया था कि संस्था के खातों में भारी विसंगतियां पाई गई हैं, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऑडिट में सामने आई 74 लाख से अधिक की हेराफेरी
घोटाले की परतें तब खुलीं जब भारत सरकार की 'सहकारी से समृद्धि' योजना के तहत पैक्स कंप्यूटराइजेशन का कार्य शुरू हुआ। जब संस्था की बैलेंस शीट और डिजिटल डेटा का मिलान किया गया, तो उसमें 86 लाख रुपये से अधिक का अंतर पाया गया। इसके बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता की विशेष ऑडिट कमेटी ने पिछले सात वर्षों के रिकॉर्ड की गहन जांच की।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 70 सदस्यों के खातों में लगभग 74.45 लाख रुपये की गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि संस्था के तत्कालीन प्रबंधक अशोक बाफना और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा ने सदस्यों द्वारा जमा की गई राशि को संस्था की कैश बुक में दर्ज ही नहीं किया। इसके अतिरिक्त, कई मामलों में सदस्यों को राशि जमा करने की रसीदें भी नहीं दी गईं।
फर्जी रसीदों का खेल और प्रशासनिक कार्रवाई
जांच अधिकारी अमृतलाल पाटोदी द्वारा सौंपी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि 68 सदस्यों के खातों के साथ हेरफेर की गई है। आरोपियों ने सदस्यों से ली गई रकम को व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया और उन्हें फर्जी रसीदें थमा दीं। बैंक प्रशासन ने इसे लोक धन और संपत्ति का दुरुपयोग माना है।
वित्तीय गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने दोनों अधिकारियों को 12 फरवरी 2026 को ही निलंबित कर दिया था। उन्हें नोटिस जारी कर गबन की गई राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आरोपियों ने कोई राशि जमा नहीं कराई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पिपलौदा पुलिस ने आरोपी प्रबंधक अशोक बाफना (निवासी हसनपालिया) और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा (निवासी सरसाना) के खिलाफ धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी रमेश कोली ने जानकारी दी कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं।
फिलहाल पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच अधिकारी अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
