पन्ना: जहर खाने के बाद युवक ने खुद डायल-112 को दी सूचना, पुलिस की तत्परता से बची जान
Panna youth consumes poison, calls Dial 112 for help. पन्ना के ग्राम बौधा में 22 वर्षीय युवक ने सल्फास का सेवन करने के बाद खुद डायल-112 पर फोन कर मदद मांगी। टीम उसे 55 किलोमीटर दूर पवई स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक मानवीय संवेदना और पुलिस की तत्परता का मामला सामने आया है। सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बौधा में एक 22 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों के चलते सल्फास का सेवन कर लिया। अपनी जान खतरे में देख युवक ने स्वयं डायल-112 पर फोन कर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस की सक्रियता ने उसे नई जिंदगी दी।
खुद की मदद के लिए डायल-112 को किया फोन
घटना शनिवार दोपहर की है, जब 22 वर्षीय भूपेंद्र बर्मन ने किसी बात से परेशान होकर सल्फास खा लिया। जहर का असर होते ही युवक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालांकि, उसने हिम्मत नहीं हारी और डायल-112 पर कॉल कर अपनी स्थिति की जानकारी दी। फोन पर युवक की आवाज स्पष्ट नहीं थी, लेकिन डायल-112 की टीम ने तुरंत उसकी लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही हरदुआ चौकी पुलिस और डायल-112 की टीम हरकत में आ गई। पुलिस ने बिना देरी किए युवक की लोकेशन के आधार पर खोजबीन शुरू की। टीम को युवक पड़रिया मोड़ के पास एक सागौन के पेड़ के नीचे अचेत अवस्था में मिला। उसके पास ही उसकी मोटरसाइकिल खड़ी थी और उसके मुंह से झाग निकल रहा था, जो जहर के गंभीर प्रभाव को दर्शा रहा था।
40 मिनट में तय की 55 किलोमीटर की दूरी
युवक की नाजुक हालत को देखते हुए पुलिस टीम ने उसे तत्काल अपने वाहन में रखा। पायलट देवेंद्र कुशवाह और सैनिक विनोद द्विवेदी ने पूरी सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस सेवा की तरह वाहन को अस्पताल की ओर दौड़ाया। पुलिस ने 55 किलोमीटर की लंबी दूरी को महज 40 मिनट में तय कर युवक को पवई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
पवई स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सकों ने युवक को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि उसे कुछ मिनटों की और देरी होती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। प्राथमिक उपचार के बाद, युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए कटनी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
पुलिस की कार्यशैली की सराहना
इस घटना ने एक बार फिर डायल-112 सेवा की उपयोगिता को सिद्ध किया है। समय पर मिली सूचना और पुलिस द्वारा दिखाई गई त्वरित कार्रवाई के कारण एक युवा की जान बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम के इस मानवीय कार्य की सराहना की है। फिलहाल, युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और पुलिस मामले की जांच कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि संकट की घड़ी में डायल-112 आम नागरिकों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। इस मामले में भी टीम ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया और अस्पताल तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिलहाल युवक का उपचार जारी है और डॉक्टर उसकी रिकवरी पर नजर रखे हुए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
