ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

नालंदा का अनोखा 'कॉकरोच कैफे': अजीब नाम और 99 रुपये के मेन्यू ने युवाओं को बनाया दीवाना

कैफे के संचालक कनिष्क राज ने अजीबोगरीब नाम रखने का कारण बताया है। वे कहते हैं कि इंस्ट्रग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी एक रील देखी थी, इसी के बाद मुझे ये नाम रखने का आइडिया आया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
नालंदा का अनोखा 'कॉकरोच कैफे': अजीब नाम और 99 रुपये के मेन्यू ने युवाओं को बनाया दीवाना
मूल स्रोत

बिहार के नालंदा जिले के हिलसा इलाके में एक कैफे इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 'कॉकरोच कैफे' नाम के इस प्रतिष्ठान ने अपनी किसी भी पारंपरिक ब्रांडिंग या विज्ञापन के बिना ही स्थानीय युवाओं के बीच अपनी खास पहचान बना ली है। 27 जुलाई को शुरू हुए इस कैफे की सबसे बड़ी विशेषता इसका नाम और बेहद किफायती मेन्यू है, जो इसे आसपास के अन्य कैफे से अलग खड़ा करता है।

नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी

कैफे के संचालक कनिष्क राज ने बताया कि इस अजीबोगरीब नाम का विचार उन्हें सोशल मीडिया के जरिए आया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' से जुड़ी एक रील देखी थी, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने अपने नए वेंचर का नाम 'कॉकरोच कैफे' रखने का फैसला किया। कनिष्क का मानना है कि आज के दौर में भीड़ से अलग दिखने के लिए कुछ हटकर करना जरूरी है, और यह नाम लोगों का ध्यान खींचने में पूरी तरह सफल रहा है।

कनिष्क के अनुसार, बाजार में 'रॉयल' या 'स्टार' जैसे नाम वाले सैकड़ों कैफे मौजूद हैं जो अपनी पहचान खो देते हैं। इसके विपरीत, 'कॉकरोच कैफे' का नाम सुनते ही लोग उत्सुक हो जाते हैं। उनका मानना है कि नाम भले ही लोगों को पहली बार आकर्षित करे, लेकिन ग्राहकों को बार-बार वापस लाने का काम कैफे की गुणवत्ता और वहां का माहौल ही करता है।

छात्रों के लिए पॉकेट-फ्रेंडली मेन्यू

इस कैफे को मुख्य रूप से छात्रों और बैचलर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मेन्यू में शामिल कोई भी डिश 99 रुपये से महंगी नहीं है। कम कीमत पर यहां ब्रेड पकौड़ा, मैगी, पास्ता, सैंडविच और चाय जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। यह किफायती मॉडल इसे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना रहा है।

कैफे की कार्यप्रणाली भी युवाओं की बदलती जीवनशैली के अनुकूल है। यह 24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है, जिससे देर रात तक पढ़ाई करने वाले छात्र या दोस्तों के साथ समय बिताने वाले युवा किसी भी समय यहां आ सकते हैं। फिलहाल, यहां 10 लोगों की एक टीम ग्राहकों की सेवा में तैनात रहती है।

आकर्षक इंटीरियर और स्वच्छता पर जोर

नाम को लेकर सोशल मीडिया पर भले ही लोग तरह-तरह के मजाक कर रहे हों, लेकिन कैफे के अंदर का नजारा बिल्कुल अलग है। यहां की ब्लैक थीम, नीली-हरी दीवारें और कांच की टेबल इसे एक प्रीमियम लुक देती हैं। टिन की छत से लटकती पीली लाइटें इसे सेल्फी के लिए एक बेहतरीन जगह बनाती हैं। संचालक का स्पष्ट कहना है कि नाम के बावजूद स्वच्छता और हाइजीन उनकी प्राथमिकता है।

कनिष्क राज का परिवार पहले से ही होटल व्यवसाय से जुड़ा रहा है। उनके पिता रामावतार प्रसाद एक व्यवसायी हैं और मां सोना कुमारी शिक्षिका हैं। अपने पिछले व्यावसायिक अनुभवों का लाभ उठाते हुए, कनिष्क ने इस कैफे के जरिए मार्केटिंग की एक बोल्ड रणनीति अपनाई है, जो फिलहाल नालंदा के युवाओं के बीच काफी सफल साबित हो रही है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें