जैसलमेर की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान, 32 लाख की लागत से तैयार हुआ 'लोक कला चौराहा'
जैसलमेर शहर को सुंदर बनाने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक नया चौराहा तैयार किया गया है। शुक्रवार को जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी और जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

स्वर्ण नगरी जैसलमेर की सुंदरता और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर के पंचायत समिति सम (खुहड़ी) के निकट एक नए चौराहे का निर्माण किया गया है, जिसे 'लोक कला चौराहा' के रूप में विकसित किया गया है। यह चौराहा न केवल शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है, बल्कि स्थानीय लोक कलाकारों की कला को भी एक नया मंच प्रदान कर रहा है।
विधायक और कलेक्टर ने किया उद्घाटन
इस नवनिर्मित चौराहे का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी और जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। नगर विकास न्यास (यूआईटी) द्वारा तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट पर कुल 32.13 लाख रुपये की लागत आई है। उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में फीता काटकर इसे जनता के लिए समर्पित किया गया।
इस चौराहे की सबसे बड़ी विशेषता इसके बीचों-बीच स्थापित की गई मूर्तियां हैं। यहां राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक लंगा गायकों और कालबेलिया नृत्यांगनाओं की जीवंत मूर्तियां लगाई गई हैं। विशेष रूप से कालबेलिया नृत्यांगना की घूमती हुई मूर्ति राहगीरों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो रेगिस्तानी लोक कला की जीवंत झलक पेश करती है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उद्घाटन के अवसर पर विधायक छोटू सिंह भाटी ने कहा कि यह चौराहा जैसलमेर की पहचान को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह स्थान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र साबित होगा। उन्होंने इस निर्माण कार्य में शामिल पूरी टीम और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल से शहर की सांस्कृतिक छवि को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है।
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने इस अवसर पर प्रशासन की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसलमेर को एक व्यवस्थित और सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी कड़ी में शहर के प्रवेश द्वारों और प्रमुख चौराहों को आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को एक सुखद अनुभव मिल सके।
स्थानीय संस्कृति का संरक्षण
जैसलमेर अपनी ऐतिहासिक हवेलियों और किलों के साथ-साथ अपनी लोक कलाओं के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। इस चौराहे के माध्यम से प्रशासन ने लोक कलाकारों के सम्मान में एक अनूठी पहल की है। यह चौराहा न केवल शहर के सौंदर्यीकरण का हिस्सा है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम भी बनेगा।
इस कार्यक्रम में भाजपा नेता कंवराज सिंह चौहान, मनोहर सिंह कुंडा और नरेंद्र व्यास सहित कई गणमान्य नागरिक और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे। सभी ने इस विकास कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे जैसलमेर के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया।
आने वाले समय में प्रशासन शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी प्रकार के सौंदर्यीकरण कार्य करने की योजना बना रहा है। इस चौराहे के निर्माण से न केवल स्थानीय निवासियों को एक सुंदर सार्वजनिक स्थान मिला है, बल्कि यह जैसलमेर आने वाले सैलानियों के लिए एक यादगार सेल्फी पॉइंट के रूप में भी उभरेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
