नागौर में पुलिस का बड़ा एक्शन: 12 होटलों पर छापेमारी, 15 लोग हिरासत में
Nagaur police raid hotels and guest houses to crackdown on illegal activities. मंगलवार को पुलिस ने 12 होटल और गेस्ट हाउस पर एक साथ छापेमारी की। करीब 3 से 4 घंटे तक चली इस कार्रवाई में होटल संचालकों, कर्मचारियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल महिलाओं समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नागौर में संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने मंगलवार को एक साथ 12 होटलों और गेस्ट हाउसों पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। यह कार्रवाई शहर के विभिन्न इलाकों में की गई, जहां लंबे समय से अनैतिक गतिविधियों और संदिग्ध लोगों के ठहरने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें होटल संचालक, कर्मचारी और संदिग्ध परिस्थितियों में मिली युवतियां शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान कुचामन सिटी में हाल ही में सामने आए एक मामले के बाद तेज किया गया है। कुचामन के एक होटल से तीन बांग्लादेशी महिलाओं और बिहार की एक युवती के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। इसी कड़ी में नागौर शहर के होटलों की गहन जांच करने का निर्णय लिया गया ताकि किसी भी प्रकार के अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
शहर के प्रमुख इलाकों में एक साथ दबिश
मंगलवार को नागौर पुलिस, डीएसटी (DST) और क्यूआरटी (QRT) की संयुक्त टीमों ने बीकानेर रोड, बस स्टैंड रोड और दिल्ली दरवाजा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में स्थित होटलों को घेरा। करीब तीन से चार घंटे तक चली इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रत्येक कमरे की तलाशी ली और होटलों के एंट्री रजिस्टर व अन्य दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि होटलों में बिना वैध पहचान पत्र के कौन लोग ठहर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ होटलों में बाहर से युवतियों को बुलाकर ग्राहकों से संपर्क कराने का धंधा चल रहा था। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं और क्या इसमें कोई संगठित गिरोह शामिल है।
अधिकारियों का बयान और आगे की जांच
नागौर के सीओ जतिन जैन ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से इन होटलों में अनैतिक गतिविधियों के संचालन की सूचनाएं मिल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए 15 लोगों से पूछताछ की जा रही है। जब्त किए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। यदि जांच में होटल संचालकों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या कुचामन में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिलाओं का नागौर के इन होटलों से कोई सीधा संबंध है। अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों के जरिए अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए ये गेस्ट हाउस सुरक्षित ठिकाने हो सकते हैं। इस एंगल से भी मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस छापेमारी के बाद शहर के होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी होटल मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना वैध आईडी प्रूफ के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दें और नियमित रूप से पुलिस को अपने रिकॉर्ड की जानकारी दें। आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन इस तरह के औचक निरीक्षणों को और अधिक बढ़ाने की योजना बना रहा है ताकि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा सके।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुटी है जो इन होटलों में युवतियों को उपलब्ध कराने के काम में लिप्त थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
